बरमूडा ट्रायंगल क्षेत्र में विमान हादसा: बहामास से मियामी लौट रहे एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत विश्व 5 घंटे पहले 2
बहामास से मियामी जा रहा एक निजी विमान बरमूडा ट्रायंगल के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 80 वर्षीय अनुभवी पायलट, उनकी पत्नी और दो पोते-पोतियों की मौत हो गई।

अटलांटिक महासागर के रहस्यमयी माने जाने वाले बरमूडा ट्रायंगल क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। बहामास से मियामी की ओर जा रहा एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है, जिसके कारण विमान में सवार एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान चली गई। मृतकों में 80 वर्षीय अनुभवी पायलट, उनकी पत्नी और उनके दो मासूम पोते-पोती शामिल हैं। इस हादसे ने एक बार फिर उस समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है, जिसे दुनिया बरमूडा ट्रायंगल के नाम से जानती है। कई घंटों के गहन खोज अभियान के बाद राहत दलों ने चारों पीड़ितों के शव बरामद कर लिए हैं।

छुट्टियां मनाकर लौट रहा था पूरा परिवार

यह दुखद दुर्घटना उस समय हुई जब मियामी का रहने वाला लामार परिवार बहामास में 'लेबर डे' का लंबा सप्ताहांत (वीकेंड) बिताकर अपने घर लौट रहा था। विमान को 80 साल के बेहद अनुभवी पायलट मारियो लामार सीनियर उड़ा रहे थे। उनके साथ विमान में उनकी 79 वर्षीय पत्नी लिली लामार और उनके दो पोते सोफी सोसा और क्रिश्चियन सोसा भी सवार थे। पूरा परिवार छुट्टियों के खुशनुमा माहौल के बाद खुशी-खुशी अपने घर वापस आ रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अटलांटिक महासागर के ऊपर उड़ान भरते समय अचानक विमान लापता हो गया और परिवार का सफर हमेशा के लिए खत्म हो गया।

उड़ान के 52 मिनट बाद अचानक टूटा संपर्क

हादसे का शिकार हुआ विमान पांच सीटों की क्षमता वाला एक छोटा विमान था, जिसका मॉडल PA-34 Piper था। इस निजी विमान का पंजीकरण नंबर N212ML था। 7 सितंबर की सुबह बहामास के ग्रेट हार्बर के एक छोटे से हवाई अड्डे से इस विमान ने उड़ान भरी थी। स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 10:12 बजे विमान ने मियामी एग्जीक्यूटिव एयरपोर्ट, जिसे पहले तामियामी एयरपोर्ट के नाम से जाना जाता था, के लिए प्रस्थान किया।

सब कुछ योजना के अनुसार चल रहा था, लेकिन उड़ान भरने के ठीक 52 मिनट बाद विमान का संपर्क हवाई यातायात नियंत्रण (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) से टूट गया। आखिरी बार विमान की स्थिति सुबह करीब 11:04 बजे दर्ज की गई थी, जब वह एंड्रोस आइलैंड से लगभग 13 मील पश्चिम में उड़ान भर रहा था। इसके तुरंत बाद विमान रडार से गायब हो गया। संपर्क टूटने के बाद शुरुआत में रिश्तेदारों को लगा कि शायद कोई तकनीकी खराबी होगी, लेकिन जब बार-बार संपर्क करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला, तो उनकी चिंता बढ़ गई और उन्होंने तुरंत अधिकारियों को सूचित किया।

40 वर्षों से अधिक का उड़ान अनुभव भी पड़ा कम

विमान उड़ा रहे मारियो लामार सीनियर कोई नौसिखिए पायलट नहीं थे। उनके परिवार के सदस्यों के अनुसार, मारियो के पास 40 साल से भी अधिक का विमान उड़ाने का व्यापक अनुभव था। वह अक्सर फ्लोरिडा और बहामास के बीच उड़ानें भरा करते थे और इस मार्ग से पूरी तरह परिचित थे। बहामास के ग्रेट हार्बर में उनका एक दूसरा घर भी था, जहां वे अक्सर छुट्टियां बिताने जाया करते थे। इतने लंबे अनुभव और मार्ग की पूरी जानकारी होने के बावजूद, वह इस भयानक दुर्घटना को टालने में असमर्थ रहे, जो इस हादसे की गंभीरता को दर्शाता है।

खराब मौसम के बीच चलाया गया बड़ा खोज अभियान

विमान के लापता होने की सूचना मिलते ही स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। विमान की खोज के लिए एक बड़ा बचाव अभियान शुरू किया गया। इस खोज अभियान में रॉयल बहामास डिफेंस保护 फोर्स, बहामास एयर सी रेस्क्यू एसोसिएशन और अमेरिकी कोस्ट गार्ड की टीमों को लगाया गया। हालांकि, शुरुआत में बचाव दल को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा क्योंकि इलाके का मौसम अचानक बेहद खराब हो गया था। खराब दृश्यता और तेज हवाओं के कारण अमेरिकी कोस्ट गार्ड को कुछ समय के लिए अपना खोज अभियान रोकने पर मजबूर होना पड़ा।

तलाश में हो रही देरी को देखते हुए पीड़ित परिवार के रिश्तेदारों ने खुद भी हिम्मत दिखाई। वे अपनी निजी नौकाओं को लेकर समुद्र में उतर गए और लापता विमान की तलाश शुरू कर दी। आखिरकार, गहन खोज के बाद विमान का मलबा और उसमें सवार चारों लोगों के शव समुद्र से बरामद कर लिए गए। इस खबर के आते ही पूरे परिवार में मातम छा गया।

बरमूडा ट्रायंगल का रहस्य और वैज्ञानिक दृष्टिकोण

जिस स्थान पर यह विमान गायब हुआ, वह अटलांटिक महासागर का वही कुख्यात हिस्सा है जिसे दुनिया 'बरमूडा ट्रायंगल' कहती है। यह क्षेत्र फ्लोरिडा, बरमूडा और प्यूर्टो रिको के बीच के समुद्री क्षेत्र को कवर करता है। पिछले कई दशकों से इस क्षेत्र में जहाजों और हवाई जहाजों के रहस्यमयी तरीके से गायब होने की कहानियां दुनिया भर में सुनी और पढ़ी जाती रही हैं। इन घटनाओं ने इस त्रिकोण को दुनिया के सबसे बड़े अनसुलझे रहस्यों में से एक बना दिया है।

हालांकि, इस विमान हादसे को लेकर वैज्ञानिकों और जांचकर्ताओं का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जो इस घटना को किसी अलौकिक या रहस्यमयी गतिविधि से जोड़ता हो। वैज्ञानिकों का मानना है कि बरमूडा ट्रायंगल जैसी कोई आधिकारिक भौगोलिक सीमा नहीं है और न ही इस बात के कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण हैं कि इस क्षेत्र में दुनिया के अन्य व्यस्त समुद्री मार्गों की तुलना में अधिक हादसे होते हैं। फिलहाल हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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