ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के जहाज में छिपा कैमरा मिलने से खलबली, महिला नाविकों की निजता पर बड़ा खतरा विश्व 4 घंटे पहले 11
ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के जहाज HMAS लीविन में एक गुप्त रिकॉर्डिंग डिवाइस मिलने के बाद हड़कंप मच गया है, जिसके बाद महिला नाविकों के निजी पलों को ऑनलाइन साझा किए जाने की गंभीर आशंका जताई गई है।

नौसेना के जहाज में छिपा कैमरा

ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के बेड़े में शामिल एक जहाज के अंदर संदिग्ध वीडियो रिकॉर्डिंग उपकरण मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। मामला रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी के जहाज HMAS लीविन से जुड़ा है, जहां एक केबिन के भीतर यह डिवाइस बरामद किया गया। ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस फोर्स ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि कर दी है, जिससे सैन्य महकमे में हलचल तेज हो गई है। यह घटना तब प्रकाश में आई जब एक स्वतंत्र सीनेटर ने संसद के पटल पर इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए चौंकाने वाले दावे किए।

महिला नाविकों की निजता पर गंभीर आरोप

इस मामले ने उस वक्त विकराल रूप ले लिया जब निर्दलीय सीनेटर जैकी लैम्बी ने संसद में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें नौसेना के कुछ कर्मियों से शिकायतें मिली हैं, जिनके अनुसार केवल एक केबिन में ही नहीं, बल्कि महिला नाविकों के शॉवर एरिया में भी छिपे हुए कैमरे पाए गए हैं। सीनेटर लैम्बी, जो खुद एक सैन्य पृष्ठभूमि से आती हैं और रक्षा संबंधी मुद्दों पर मुखर रहती हैं, ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि इन कैमरों के जरिए रिकॉर्ड की गई सामग्री कहीं इंटरनेट या सोशल मीडिया पर तो लीक नहीं कर दी गई है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि कितनी महिला नाविकों के निजी पलों को उनकी मर्जी के बिना कैमरे में कैद किया गया होगा और ऐसी कितनी फुटेज पहले ही ऑनलाइन सार्वजनिक की जा चुकी है।

रक्षा विभाग का आधिकारिक पक्ष

ऑस्ट्रेलियाई रक्षा विभाग ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें HMAS लीविन के एक केबिन में वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। हालांकि, विभाग ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि शॉवर एरिया में कैमरे मिलने के आरोपों में कितनी सच्चाई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रक्षा विभाग ने इसे संयुक्त सैन्य पुलिस इकाई के पास भेज दिया है। विभाग द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि वे इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और किसी भी प्रकार के अवांछनीय या अस्वीकार्य व्यवहार को कतई सहन नहीं किया जाएगा।

जहाज की रवानगी पर रोक

मामले की गहराई से जांच करने और चालक दल के सदस्यों को आवश्यक मदद पहुंचाने के उद्देश्य से अधिकारियों ने HMAS लीविन को फिलहाल बंदरगाह पर ही रोकने का निर्णय लिया है। रक्षा विभाग का कहना है कि प्रभावित नौसेना कर्मियों की सुरक्षा और उनकी भलाई ही इस समय उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने जोर दिया कि सभी प्रभावित लोगों को उचित परामर्श और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। गोपनीयता और चल रही कानूनी जांच का हवाला देते हुए रक्षा विभाग ने फिलहाल इस मामले के बारे में कोई और विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया है। यह घटना ऑस्ट्रेलियाई नौसेना में अनुशासन और सुरक्षा प्रणालियों पर कई तरह के बड़े सवाल खड़े कर रही है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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