पालघर में भारी बारिश का रेड अलर्ट: सभी शिक्षण संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों में कल छुट्टी का एलान महाराष्ट्र 2 महीने पहले 73
मौसम विभाग द्वारा पालघर जिले के लिए रेड अलर्ट जारी करने के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कल स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का निर्णय लिया है। वहीं, उल्हासनगर में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

पालघर में रेड अलर्ट के बाद प्रशासन का बड़ा फैसला

मौसम विभाग ने पालघर जिले में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताते हुए कल यानी गुरुवार 02 जुलाई 2026 के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम के इस बदलते मिजाज और भारी बारिश की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर इंदूरानी जाखड़ ने जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश की घोषणा करने का आदेश दिया है। पिछले पूरे दिन से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जिले के कई निचले इलाकों में सड़कों पर पानी जमा हो गया है, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और बिना किसी अत्यंत जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने की अपील की है।

अगले 24 घंटों के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले 24 घंटों के दौरान पालघर जिले के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन की टीम और स्थानीय निकाय विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर सभी एहतियाती कदम उठाए हैं ताकि जान-माल का कम से कम नुकसान हो।

उल्हासनगर में बारिश का कहर और स्थानीय लोगों की नाराजगी

पालघर के अलावा, उल्हासनगर में भी बारिश ने जमकर कहर बरपाया है, जिससे नगर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। उल्हासनगर-4 स्थित जिजामाता कॉलोनी में भारी जलभराव के चलते लोगों के घरों के भीतर तक पानी घुस गया। लगातार हो रही बारिश से कॉलोनी की गलियों में कमर तक पानी भर जाने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने की वजह से पूरा क्षेत्र देखते ही देखते जलमग्न हो गया, जिससे निवासियों का घरेलू सामान खराब हो गया और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा।

स्थायी समाधान की मांग

स्थिति को काबू में करने के लिए प्रशासन द्वारा पंपों के जरिए पानी निकालने का कार्य शुरू कर दिया गया है। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष प्रकट किया है। लोगों का कहना है कि हर बार मानसून के दौरान उन्हें इसी तरह के जलभराव की समस्या से दो-चार होना पड़ता है, लेकिन नगर निगम अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है। स्थानीय लोग अब इस समस्या से निजात पाने के लिए ठोस और त्वरित समाधान की मांग कर रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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