सेहत के लिए वरदान हैं ये 3 खास मछलियां, पोषक तत्वों और प्रोटीन का माना जाता है खजाना जीवनशैली 3 घंटे पहले 5
डाइट में सही मछली का चुनाव करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, साल्मन, सार्डिन और मैकेरल जैसी मछलियां शरीर को जरूरी ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन प्रदान करती हैं।

नॉन-वेज खाने के शौकीनों के लिए मछली हमेशा से पहली पसंद रही है। आमतौर पर माना जाता है कि मछली का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन, विटामिन और कई तरह के पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाली हर मछली सेहत को एक जैसा फायदा नहीं पहुंचाती? पोषण के मामले में सभी मछलियां एक जैसी नहीं होती हैं। यही वजह है कि स्वस्थ रहने के लिए अपनी डाइट में सही मछली का चुनाव करना बेहद आवश्यक हो जाता है। जब आप अपनी थाली में मछली शामिल करने का मन बनाएं, तो उसकी प्रजाति और उसे पकाने के तरीके पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।

दिल की सेहत और ओमेगा-3 फैटी एसिड का खास संबंध

उत्तर प्रदेश के रामपुर में कार्यरत आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इकबाल बताते हैं कि मछलियों में पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड हमारे शरीर के लिए एक बेहद आवश्यक और सेहतमंद फैट माना जाता है। यह मुख्य रूप से हमारे दिल को तंदुरुस्त रखने और हृदय संबंधी बीमारियों के खतरे को कम करने में बड़ी भूमिका निभाता है।

विशेषज्ञ के अनुसार, अगर आप अपने शरीर में ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी को पूरा करना चाहते हैं, तो आपको अपनी डाइट में नीचे बताई गई मछलियों को शामिल करना चाहिए:

  • साल्मन: यह मछली ओमेगा-3 का एक बेहतरीन स्रोत मानी जाती है, जो दिल की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाती है।
  • सार्डिन: आकार में छोटी होने के बावजूद यह मछली पोषक तत्वों के मामले में बहुत आगे है।
  • मैकेरल: इसमें भी सेहत के लिए जरूरी फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं।

इन मछलियों में विशेष रूप से EPA और DHA जैसे महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं। ये दोनों ही ऐसे जरूरी फैटी एसिड हैं, जिनकी जरूरत हमारे शरीर को सुचारू रूप से काम करने के लिए होती है और हमारा शरीर इनका निर्माण खुद नहीं कर पाता।

वजन को संतुलित रखने में प्रोटीन का बड़ा योगदान

जो लोग अपने बढ़ते वजन को नियंत्रित करने या मोटापा घटाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए भी मछली का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। डॉक्टर मोहम्मद इकबाल का कहना है कि वजन प्रबंधन के सफर में शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन मिलना बेहद जरूरी होता है। मछली प्रोटीन का एक बहुत ही शानदार और शुद्ध स्रोत है।

जब आप प्रोटीन से भरपूर आहार लेते हैं, तो आपका पेट काफी लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। इससे बार-बार कुछ न कुछ खाने की इच्छा यानी क्रैविंग्स काफी हद तक कम हो जाती है, जिससे आप जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने से बच जाते हैं। लेकिन यहां इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि मछली का फायदा इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप उसे किस तरह से पका रहे हैं।

अगर आप मछली को बहुत ज्यादा तेल में डीप-फ्राई करके खाते हैं, तो इससे उसमें कैलोरी और नुकसानदेह फैट की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है, जिससे आपकी सेहत को फायदे के बजाय नुकसान हो सकता है। इसलिए, जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए कम तेल में पकाई गई, ग्रिल्ड या भाप में तैयार की गई मछली ही सबसे बेहतरीन और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प मानी जाती है।

सार्डिन जैसी छोटी मछलियों के अनोखे फायदे

विशेषज्ञों का मानना है कि सेहत के लिहाज से छोटी मछलियां काफी फायदेमंद होती हैं। उदाहरण के तौर पर, सार्डिन एक छोटे आकार की मछली है, लेकिन पोषण के मामले में यह बहुत समृद्ध है। सार्डिन खाने से शरीर को न केवल भरपूर ओमेगा-3 फैटी एसिड मिलता है, बल्कि इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम की भी प्राप्ति होती है।

इसके अतिरिक्त, छोटी मछलियों का एक बड़ा फायदा यह भी है कि इनमें बड़ी मछलियों की तुलना में पारे का स्तर काफी कम पाया जाता है। भारी मात्रा में पारे का शरीर में जाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए कम पारे वाली छोटी मछलियों का चुनाव करना एक समझदारी भरा फैसला माना जाता है। हालांकि, अलग-अलग मछलियों में मिलने वाले पोषक तत्वों की मात्रा उनके प्रकार, उनके पकड़े जाने वाले स्थान और उन्हें पकाने की विधि के अनुसार बदल सकती है।

हड्डियों और नसों को मजबूत बनाते हैं ये विटामिन्स

मछली के सेवन से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ सिर्फ ओमेगा-3 फैटी एसिड या प्रोटीन तक ही सीमित नहीं हैं। कुछ चुनिंदा प्रजाति की मछलियों में शरीर के लिए बेहद जरूरी विटामिन डी और विटामिन बी12 भी काफी अच्छी मात्रा में मिल जाते हैं।

  • विटामिन डी: यह हमारी हड्डियों की मजबूती और कैल्शियम के अवशोषण के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।
  • विटामिन बी12: यह शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है और साथ ही हमारे नर्वस सिस्टम यानी नसों को स्वस्थ और सामान्य रूप से काम करने में मदद करता है।

डाइट में संतुलन और जरूरी डॉक्टर की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सेहत को दुरुस्त रखने के लिए रोज केवल एक ही तरह की चीज खाने के बजाय अपनी रोजाना की डाइट में अलग-अलग तरह के पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। मछली को एक संतुलित आहार के हिस्से के तौर पर खाया जाना चाहिए। किसी भी एक चीज को किसी गंभीर बीमारी का एकमात्र इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति को कोई बीमारी है, किसी विशेष खाद्य पदार्थ से एलर्जी है, या फिर वे किसी खास तरह की डाइट को फॉलो कर रहे हैं, तो उन्हें अपनी डाइट में मछली की मात्रा और उसकी किस्म को तय करने से पहले हमेशा किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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