पापड़ बनाने का देसी नुस्खा: जहानाबाद की तारावती देवी से सीखें बाजार जैसे खिले-खिले पापड़ बनाने का आसान तरीका जीवनशैली 3 महीने पहले 115
बिहार के जहानाबाद की तारावती देवी मूंग और उड़द दाल के स्वादिष्ट पापड़ बनाने के लिए मशहूर हैं। जानिए उनके FPO की महिलाओं द्वारा अपनाई जाने वाली पारंपरिक विधि और कुछ खास टिप्स।

भारतीय भोजन की थाली में जब तक दाल-चावल और सब्जी के साथ कुरकुरा पापड़ न हो, तब तक खाने का मजा अधूरा सा रहता है। चाहे घर का साधारण भोजन हो या किसी बड़े होटल की शाही थाली, भोजन का स्वाद बढ़ाने में पापड़, सलाद और अचार की भूमिका बेहद खास होती है। बहुत से लोग बाजार से रेडीमेड पापड़ या चिप्स खरीदकर लाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इसे घर पर बनाना बेहद झंझट भरा काम है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि थोड़ी सी सही जानकारी और पारंपरिक तरीकों की मदद से आप घर पर ही बाजार से भी बेहतर और खिले-खिले पापड़ तैयार कर सकते हैं? बिहार के जहानाबाद जिले की रहने वाली तारावती देवी इस काम में बेहद माहिर हैं और उनके बनाए पापड़ अब बाजार में खूब धूम मचा रहे हैं।

जहानाबाद के घोसी प्रखंड के अंतर्गत आने वाले सर्वसिद्धांता FPO में कार्यरत तारावती देवी लंबे समय से गृह उद्योग के रूप में पापड़ बनाने का काम कर रही हैं। वे मुख्य रूप से मूंग दाल और उड़द दाल के स्वादिष्ट पापड़ तैयार करती हैं। उनके द्वारा बनाए गए इन पापड़ों की मांग स्थानीय बाजारों में काफी अधिक है। तारावती देवी के इस हुनर ने न सिर्फ उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि उनके परिवार को भी आर्थिक मजबूती दी है।

घर पर पापड़ बनाने की आसान और पारंपरिक विधि

तारावती देवी के अनुसार, स्वादिष्ट और खस्ता पापड़ बनाने की प्रक्रिया बेहद सरल है, बशर्ते आप हर चरण का सही तरीके से पालन करें। उड़द और मूंग दाल के पापड़ बनाने की विधि इस प्रकार है:

  • दाल को भिगोना: सबसे पहले उड़द की दाल और मूंग की दाल को साफ पानी में अच्छी तरह धोकर कुछ घंटों के लिए भिगोकर रख दें।
  • आटा तैयार करना: जब दाल अच्छी तरह फूल जाए, तो इसे पीस लें और फिर इसे गेहूं के आटे अथवा अन्य आवश्यक सामग्री के साथ मिलाकर अच्छी तरह गूंथ लें। आटा गूंथने के बाद इसे थोड़ी देर के लिए छोड़ दें ताकि यह अच्छी तरह से फूल सके।
  • मूसल से कुटाई: आटे को लचीला और मुलायम बनाना सबसे महत्वपूर्ण चरण है। इसके लिए गूंथे हुए आटे को ओखली में रखकर मूसल से खूब कूटा जाता है। अच्छी तरह कूटने से आटे में बेहतरीन लचीलापन आ जाता है।
  • लोइयां बनाना और बेलना: जब आटा पूरी तरह लचीला हो जाए, तो इसकी छोटी-छोटी गोलियां (लोइयां) बना लें। इसके बाद बेलन की मदद से एक साफ और चिकने फर्श या चकले पर इन्हें पतला-पतला बेल लें।
  • हवा में सुखाना: बेले गए सभी पापड़ों को सीधी धूप में सुखाने के बजाय पंखे की हवा में थोड़ी देर के लिए फैलाकर छोड़ दें। कुछ ही समय में हवा लगने से ये पापड़ बिल्कुल सूखकर तैयार हो जाते हैं।

पापड़ को खिला-खिला और स्वादिष्ट बनाने का देसी फॉर्मूला

तारावती देवी ने पापड़ को बाजार जैसा हल्का और फूला हुआ बनाने का एक विशेष घरेलू नुस्खा साझा किया है। उन्होंने बताया कि आटा गूंथने के समय ही उसमें हींग, जीरा और कुछ विशेष मसालों का मिश्रण जरूर मिलाना चाहिए। इन मसालों के इस्तेमाल से न केवल पापड़ का स्वाद और खुशबू दोगुनी हो जाती है, बल्कि आटा भी काफी हल्का हो जाता है। जब आटा हल्का रहता है, तो तलते समय पापड़ बहुत बढ़िया तरीके से खिलता है और खाने में बेहद खस्ता लगता है।

महिला सशक्तिकरण और आजीविका का जरिया बना केंद्र

जहानाबाद के घोसी में स्थित सर्वसिद्धांता FPO आज के समय में स्थानीय महिलाओं के लिए स्वावलंबन का एक बड़ा केंद्र बन चुका है। यहाँ तारावती देवी जैसी कई महिलाएं एक साथ मिलकर काम करती हैं। इस केंद्र पर केवल पापड़ ही नहीं, बल्कि कई अन्य घरेलू खाद्य उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं:

  • विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट पापड़
  • चटपटी दालमोट और नमकीन
  • मशरूम का आचार
  • घर का पिसा हुआ शुद्ध चना सत्तू

इस FPO के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। एक साथ मिलकर काम करने से इन महिलाओं को न केवल अपनी पहचान बनाने का मौका मिला है, बल्कि उनकी आजीविका में भी भारी सुधार हुआ है। घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर महिलाएं अब अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं और अपने परिवारों की आर्थिक मदद कर रही हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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