Anarsa Recipe: सावन के मौके पर घर पर बनाएं बाजार जैसे कुरकुरे अनरसे, ये रही आसान विधि जीवनशैली 2 घंटे पहले 3
सावन के पावन महीने में अनरसे की मांग काफी बढ़ जाती है। कोडरमा की राधिका प्रजापति ने घर पर ही शुद्ध और स्वादिष्ट अनरसे बनाने का आसान तरीका साझा किया है, जिसे आप कई दिनों तक स्टोर कर सकते हैं।

सावन में अनरसे की खास रौनक

सावन का महीना शुरू होते ही चारों तरफ त्योहारों और धार्मिक आयोजनों की धूम देखने को मिलती है। इस दौरान पारंपरिक मिठाइयों की मांग में भारी उछाल आता है और बाजार तरह-तरह के पकवानों से सज जाते हैं। इन्हीं में से एक बेहद लोकप्रिय मिठाई है अनरसा, जिसे सावन के दौरान घर-घर में पसंद किया जाता है। अनरसा न केवल स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि इसे पूजा-पाठ और भगवान के भोग के लिए भी विशेष रूप से तैयार किया जाता है। यदि आप भी घर पर बाजार जैसा कुरकुरा अनरसा बनाना चाहते हैं, तो कोडरमा की गृहणी राधिका प्रजापति द्वारा बताई गई विधि आपके काम आएगी।

अनरसा बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

अनरसा एक ऐसा पारंपरिक व्यंजन है जिसे घर पर उपलब्ध साधारण सामग्री से आसानी से बनाया जा सकता है। इसके लिए आपको मुख्य रूप से अरवा चावल, तिल, चीनी, घी और तलने के लिए कुकिंग ऑयल की आवश्यकता होती है। राधिका प्रजापति के अनुसार, घर पर बनी मिठाइयों की सबसे बड़ी खूबी उनकी शुद्धता है, और अनरसा बनाना एक काफी सरल प्रक्रिया है जिसे कोई भी आसानी से आजमा सकता है।

चावल को तैयार करने की प्रक्रिया

अनरसा बनाने की शुरुआत चावल को तैयार करने से होती है। इसके लिए सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाला अरवा चावल लें। चावल को साफ पानी से भली-भांति धोकर कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोकर रख दें। जब चावल अच्छी तरह भीग जाए, तो उसका अतिरिक्त पानी निकाल दें। इसके बाद चावल को थोड़ा सूखने दें ताकि नमी खत्म हो जाए। जब चावल में अतिरिक्त पानी न रहे, तब इसे मिक्सर में या ओखली में दरदरा पीस लें। ध्यान रहे कि आटा बहुत बारीक नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें हल्का दानेदारपन रहना चाहिए जो अनरसे को कुरकुरा बनाने में मदद करता है।

चाशनी और मिश्रण तैयार करना

अनरसे के स्वाद और बनावट के लिए सही चाशनी का होना बहुत जरूरी है। इसके लिए एक बर्तन में एक कटोरी चीनी और एक कटोरी पानी डालकर धीमी आंच पर पकाएं। चाशनी को तब तक गर्म करें जब तक कि वह एक तार की न बन जाए। जब चाशनी एक तार की हो जाए, तो उसमें पहले से तैयार किया गया दरदरा चावल का आटा धीरे-धीरे डालें। मिश्रण को लगातार चलाते रहें ताकि गांठें न बनें। मिश्रण में मिठास के साथ-साथ नरमी और अच्छी खुशबू लाने के लिए एक चम्मच घी मिलाएं। इसे अच्छे से मिलाने के बाद मिश्रण को ठंडा होने के लिए कुछ देर छोड़ दें।

पेड़े बनाना और तिल लगाना

जब मिश्रण ठंडा होकर थोड़ा सख्त हो जाए, तो अपनी हथेलियों की मदद से इसके छोटे-छोटे गोल पेड़े तैयार कर लें। पेड़े तैयार करने के बाद उनके ऊपर के हिस्से पर भुने हुए तिल को चिपका दें। ध्यान रखें कि तिल भूनते समय आंच को मध्यम ही रखें ताकि उनका स्वाद और खुशबू बरकरार रहे। बहुत तेज आंच पर तिल जल सकते हैं और स्वाद कड़वा हो सकता है।

तलने की सही तकनीक

अनरसे को तलने के लिए एक कड़ाही में कुकिंग ऑयल गर्म करें। तेल बहुत अधिक गर्म नहीं होना चाहिए, इसे मध्यम आंच पर गर्म करें। अनरसे को एक-एक करके गर्म तेल में डालें और तब तक तलें जब तक कि वे दोनों तरफ से सुनहरे और कुरकुरे न हो जाएं। तलने के बाद इन्हें एक जालीदार बर्तन पर निकालें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए। राधिका प्रजापति के अनुसार, अगर आप इन्हें अच्छी तरह ठंडा करने के बाद किसी एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखते हैं, तो ये 4 से 5 दिनों तक खराब नहीं होते हैं। सावन के इस मौसम में घर पर बनाए गए शुद्ध और कुरकुरे अनरसे न केवल आपके परिवार का मन मोह लेंगे, बल्कि त्योहार की खुशी को भी दोगुना कर देंगे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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