जीवनशैली
4 घंटे पहले
8
विचारों
झारखंड का पारंपरिक जायका
झारखंड के खान-पान की अपनी एक अलग ही पहचान है, जो स्वाद और सादगी का अनूठा संगम मानी जाती है। यहां के पारंपरिक व्यंजनों में घुग्नी मटर एक बेहद लोकप्रिय डिश है, जिसे न केवल नाश्ते में बल्कि शाम के हल्के स्नैक्स के रूप में भी खूब पसंद किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बहुत ही कम सामग्री का उपयोग करके बड़ी आसानी से घर पर बनाया जा सकता है। कुकिंग विशेषज्ञ रिक्ति शर्मा के अनुसार, यदि इसे सही तकनीक और मसालों के साथ पकाया जाए, तो यह घर के हर सदस्य को बेहद पसंद आती है।
मटर तैयार करने की प्रक्रिया
घुग्नी बनाने का पहला और महत्वपूर्ण चरण मटर को सही तरीके से तैयार करना है। इसके लिए सबसे पहले सूखी मटर को साफ पानी से अच्छी तरह धो लेना चाहिए। इसके बाद इसे पर्याप्त पानी में कुछ घंटों के लिए भिगोकर रखना बहुत जरूरी होता है। यदि मटर को अच्छे से भिगोया जाए, तो वह बेहतर तरीके से फूलती है और पकाते समय जल्दी गल जाती है। भिगोने के बाद मटर को कुकर में डालें और उसमें स्वादानुसार नमक के साथ थोड़ा पानी मिलाएं। इसे मध्यम आंच पर 3 से 4 सीटी आने तक पकाएं। ध्यान रखें कि मटर इतनी नरम होनी चाहिए कि खाने में आसानी रहे, लेकिन इसे इतना भी नहीं उबालना है कि यह पूरी तरह गलकर पेस्ट में बदल जाए। उबलने के बाद अतिरिक्त पानी निकाल दें और मटर को एक तरफ रख दें।
तड़का और मसालों का संतुलन
अगला चरण मसालेदार तड़का तैयार करने का है, जो घुग्नी को असली स्वाद देता है। एक कड़ाही में थोड़ा सरसों का तेल गरम करें। तेल के अच्छे से गरम हो जाने पर इसमें जीरा, सूखी लाल मिर्च और चुटकी भर हींग डालें। इसके बाद इसमें बारीक कटा हुआ प्याज डालें और उसे सुनहरा होने तक अच्छी तरह भूनें। प्याज भुन जाने पर अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर कुछ मिनट तक पकाएं। अब कटी हुई टमाटर की बारी है। इसे भी नरम होने तक पकने दें। इसके बाद इसमें हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक मिलाएं। याद रखें कि नमक उबलते समय भी डाला था, इसलिए मसाले में स्वाद के अनुसार ही नमक डालें। मसालों को तब तक भूनें जब तक कि उनसे तेल अलग न होने लगे। मसाले का भुनना ही घुग्नी के स्वाद का आधार है।
घुग्नी को फाइनल टच दें
एक बार मसाला तैयार हो जाए, तो उसमें उबली हुई मटर डालकर अच्छी तरह मिलाएं। यदि आपको ग्रेवी पसंद है, तो आवश्यकतानुसार थोड़ा सा पानी डाल सकते हैं। अब इसे मध्यम आंच पर करीब 5 से 7 मिनट तक पकने दें, ताकि मसालों का जायका मटर के अंदर तक समा जाए। पकने के बाद इसमें गरम मसाला छिड़कें। आप स्वाद को और अधिक चटपटा बनाने के लिए इसमें थोड़ा अमचूर पाउडर या ताजे नींबू का रस भी मिला सकते हैं। गैस बंद करने से पहले ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालें, जिससे इसकी खुशबू और रंगत निखर कर आएगी। यदि आप इसे और अधिक तीखा पसंद करते हैं, तो अंत में ऊपर से थोड़ी हरी मिर्च और चाट मसाला भी डाल सकते हैं।
परतने का सही तरीका
झारखंडी घुग्नी मटर को हमेशा गरमा-गरम परोसना चाहिए, क्योंकि तभी इसका असली स्वाद महसूस होता है। इसे आप चूड़ा (पोहा), ताजी रोटी या कुरकुरे पराठों के साथ परोस सकते हैं। कई लोग इसे अकेले स्नैक्स की तरह खाना भी पसंद करते हैं। खासकर ठंड के मौसम में या बारिश के दौरान गर्मागर्म घुग्नी मटर का आनंद लेना एक बेहतरीन अनुभव होता है। यह डिश न केवल कम मेहनत में तैयार होती है, बल्कि यह आपको झारखंड की घरेलु रसोई की याद भी दिलाती है। इस आसान रेसिपी को अपनाकर आप भी घर पर ही झारखंड के पारंपरिक स्वाद का लुत्फ उठा सकते हैं।
Comments
0 comment