धौलपुर की मशहूर हींग कचौड़ी: हाथ से मसलकर परोसी जाती है ये खास डिश, रोजाना बिकते हैं 800 पीस जीवनशैली एक घंटा पहले 3
धौलपुर में आरएसी बटालियन के पास स्थित बृजवासी कचौड़ी अपनी अनोखी बनाने की विधि और बेहतरीन स्वाद के कारण लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। यहाँ के जायके का आनंद लेने के लिए दूर-दराज के शहरों से भी ग्राहक खिंचे चले आते हैं।

स्वाद का अनूठा ठिकाना

राजस्थान के धौलपुर शहर में एक ऐसी जगह है जहाँ की कचौड़ी के स्वाद के चर्चे दूर-दूर तक फैले हैं। आरएसी बटालियन के ठीक सामने स्थित बृजवासी कचौड़ी की दुकान सुबह होते ही ग्राहकों से भर जाती है। यहाँ की सबसे बड़ी खासियत कचौड़ी को परोसने का अनोखा तरीका है। दुकानदार कचौड़ी को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़कर उसे हाथों से मसलते हैं और फिर ग्राहकों को परोसते हैं। यह अनूठा अंदाज ही इस जगह को अन्य दुकानों से अलग बनाता है।

देसी घी और मसालों का जादू

इस दुकान पर बनने वाली कचौड़ी शुद्ध देसी घी में तली जाती है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। इसके साथ दी जाने वाली मसालेदार आलू की सब्जी और घी में तली हुई हरी मिर्च का मेल लोगों को बहुत पसंद आता है। सब्जी का स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें घर पर पिसे हुए मसालों और खास तौर पर हींग के पानी का भरपूर इस्तेमाल किया जाता है।

ग्राहकों की भारी भीड़

ठेला संचालक संदीप पिछले करीब 5 साल से यह काम कर रहे हैं। उनके स्वाद के दीवाने सिर्फ धौलपुर ही नहीं, बल्कि आगरा, मुरैना और ग्वालियर तक से यहां पहुंचते हैं। संदीप बताते हैं कि वे रोजाना करीब 700 से 800 कचौड़ी बेच लेते हैं। किफायती दाम की बात करें तो यहां केवल 20 रुपये में दो स्वादिष्ट कचौड़ी परोसी जाती हैं। सुबह 6 बजे से ही यहां कचौड़ी खाने वालों की कतार लगनी शुरू हो जाती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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