PoK में जनाक्रोश के बीच पाकिस्तानी सेना का हेलीकॉप्टर गिरा, 21 सैनिकों की मौत विश्व एक महीने पहले 25
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सेना के खिलाफ भड़के जनविरोध के बीच मुज़फ़्फ़राबाद जा रहा MI-17 हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया, जिसमें सवार सभी 21 सैनिक मारे गए। सेना इसे तकनीकी खराबी बता रही है, जबकि स्थानीय लोग इसे विद्रोहियों की कार्रवाई मान रहे हैं।

मुजफ्फराबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आम लोगों ने अब पाकिस्तानी फौज के विरुद्ध खुलकर मोर्चा संभाल लिया है। सामने आ रही रिपोर्टों के अनुसार, विद्रोहियों ने सेना के एक MI-17 हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया, जो 21 सैनिकों को लेकर मुज़फ़्फ़राबाद की ओर बढ़ रहा था। यह हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया और इसमें सवार सभी 21 सैनिकों की मौत हो गई। हालांकि पाकिस्तानी सेना ने इसे तकनीकी गड़बड़ी से हुआ हादसा करार दिया और किसी हमले से इनकार किया। दूसरी ओर PoK के लोगों का दावा है कि यह घटना फौज के अत्याचारों का ही परिणाम है।

लोगों को डराने के लिए की जा रही फायरिंग

गौरतलब है कि पाकिस्तान में सरकार और सेना के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पाकिस्तानी रेंजर्स और सेना जनता में भय फैलाने के लिए सीधे गोलियां चला रही है और इस हिंसा में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। PoK में कार्रवाई के लिए सेना की एक एविएशन ब्रिगेड को खासतौर पर तैनात किया गया है। मस्जिदों, मदरसों और सरकारी इमारतों से लगातार घोषणाएं की जा रही हैं, जिनमें चेतावनी दी जा रही है कि शहरों की ओर बढ़ने वाले प्रदर्शनकारी अगर सरकारी आदेश की अवहेलना करते हैं तो उन्हें इसके नतीजे भुगतने पड़ेंगे।

मृतकों की वास्तविक संख्या अज्ञात

पाकिस्तानी सेना की इन धमकियों का PoK की जनता पर कोई असर नहीं पड़ा। झेलम वैली, ददियाल, कोटली, भीमबर और हजीरा जैसे दूरदराज़ के इलाकों से हजारों लोग काफिलों के रूप में शहरों की तरफ कूच कर रहे हैं। उन्हें रोकने के लिए सेना ने अंधाधुंध गोलीबारी की, फिर भी लोग पीछे नहीं हटे। स्थानीय लोगों का कहना है कि मारे गए लोगों की सही संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल है, क्योंकि शवों को छिपाया जा रहा है।

8 जून से ही बंद हैं दुकानों के शटर

उल्लेखनीय है कि PoK में पिछले तीन दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी ने महंगी बिजली और आटे के विरोध में 9 जून से आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया था। मगर सरकार से नाराज़ लोगों ने 8 जून से ही अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए और शहरों की ओर निकल पड़े। बगावत को कुचलने के लिए पाकिस्तान सरकार ने पैरा-मिलिट्री फोर्स और रेंजर्स को तैनात कर दिया। निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई गईं, जिनमें दर्जनों लोगों के मारे जाने की खबर है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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