झारखंड
एक घंटा पहले
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विचारों
रांची में छात्रों और सरकार के बीच सुलह की उम्मीद
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर लंबे समय से विरोध दर्ज करा रहे छात्रों का गुस्सा अब नरम पड़ता नजर आ रहा है। राज्य सरकार और आंदोलित छात्रों के बीच जारी गतिरोध के बीच राहत की खबर है कि छात्र अब सरकार के साथ वार्ता की मेज पर बैठने के लिए तैयार हो गए हैं। इस अहम बातचीत को लेकर आज रांची में विशेष बैठक आयोजित की जाएगी, जिससे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर चल रही अनिश्चितता खत्म होने की उम्मीद है।
छात्रों के 5 सदस्य करेंगे प्रतिनिधित्व
वार्ता प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए छात्रों ने अपनी सहमति दे दी है और इस संदर्भ में रांची के एसडीएम तथा एडीएम लॉ एंड ऑर्डर को भी सूचित कर दिया गया है। फिलहाल, छात्र आपस में विचार-विमर्श कर रहे हैं ताकि अपने दल के लिए 5 ऐसे प्रतिनिधियों का चयन किया जा सके जो सरकारी कमेटी के सामने अपनी बात मजबूती से रख सकें। ये 5 सदस्य छात्रों की ओर से सरकार के साथ चर्चा का नेतृत्व करेंगे और आंदोलनकारियों का पक्ष रखेंगे।
सरकार ने बनाई हाई-प्रोफाइल कमेटी
छात्रों के उग्र होते प्रदर्शन और उनकी मांगों की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने इस मामले को सुलझाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस कमेटी में राज्य सरकार के चार प्रमुख मंत्री और एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को नियुक्त किया गया है। समिति में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडे सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव के अलावा स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह को शामिल किया गया है। सरकारी समिति का गठन होते ही इसमें शामिल सभी सदस्यों ने लगभग दो घंटे तक मैराथन बैठक की, जिसमें छात्रों द्वारा उठाई गई मांगों और वार्ता के मुख्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई ताकि समाधान निकाला जा सके।
क्या है जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती का विवाद
यह पूरा मामला जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली और अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है। छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लंबे समय से धरने पर बैठे हैं और परीक्षा प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने तथा धांधली की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इससे पहले छात्रों ने सरकार द्वारा भेजे गए वार्ता के प्रस्ताव को नकार दिया था। उनका तर्क था कि वे बंद कमरे में बातचीत के पक्ष में नहीं हैं। हालांकि, स्थिति में आए बदलाव के बाद अब वे संवाद करने के लिए सहमत हैं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में बुधवार की शाम छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अलबर्ट एक्का चौक तक तिरंगा यात्रा निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया था।
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