मीनाक्षी नटराजन के बाद झारखंड में परिमल नाथवानी का नामांकन उलझा, कांग्रेस-झामुमो की आपत्ति पर चुनाव अधिकारी ने मांगा स्पष्टीकरण झारखंड एक महीने पहले 22
मध्य प्रदेश में कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद अब झारखंड में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पर कांग्रेस और झामुमो ने आपत्ति जताई है। रिटर्निंग ऑफिसर ने जांच शुरू करते हुए नाथवानी से स्पष्टीकरण तलब किया है।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन आपत्तियों के चलते खारिज होने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि झारखंड में भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन को लेकर भी नया विवाद उठ खड़ा हुआ है। कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उनके नामांकन पत्रों पर सवाल खड़े किए हैं, जिससे 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक और कानूनी खींचतान तेज हो गई है।

आपत्ति के बाद शुरू हुई विस्तृत जांच

मध्य प्रदेश में भाजपा ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के हलफनामे में कथित तौर पर जानकारी छिपाने का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद उनका नामांकन रद्द कर दिया गया। अब झारखंड में 18 जून के राज्यसभा चुनाव से पूर्व भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन को लेकर कांग्रेस और झामुमो ने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने पूरे मामले की गहन समीक्षा शुरू कर दी है और नाथवानी से स्पष्टीकरण तलब किया है। अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।

तीन प्रत्याशियों के दस्तावेजों की समीक्षा

मंगलवार को राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की जांच हुई। इस दौरान झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम, कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के कागजातों की पड़ताल की गई। रिटर्निंग ऑफिसर ने बैद्यनाथ राम और प्रणव झा के नामांकन को वैध माना, लेकिन परिमल नाथवानी के मामले में सामने आई आपत्तियों के मद्देनजर अतिरिक्त जांच कराने का फैसला किया।

आज तलब किया गया जवाब

रिटर्निंग ऑफिसर ने परिमल नाथवानी को निर्देश दिया है कि वे बुधवार यानी आज सुबह 11 बजे तक खुद उपस्थित होकर अथवा अपने अधिकृत प्रतिनिधि के जरिये आपत्तियों पर अपना पक्ष रखें। इसके पश्चात उपलब्ध दस्तावेजों और दिए गए स्पष्टीकरण के आधार पर तय होगा कि उनका नामांकन मान्य रहेगा या नहीं।

कांग्रेस ने गिनाईं कई खामियां

कांग्रेस का आरोप है कि नामांकन पत्र में कुछ आवश्यक व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह से दर्ज नहीं की गई हैं। पार्टी का कहना है कि नाथवानी ने उन तमाम कंपनियों का ब्योरा नहीं दिया, जिनमें वे निदेशक के तौर पर जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही नामांकन पत्र में नाम लिखे जाने के तरीके पर भी सवाल उठाया गया है। कांग्रेस का यह भी दावा है कि लंबित मुकदमों और कुछ अन्य घोषणाओं से जुड़ी सूचनाओं में भी विसंगतियां मौजूद हैं।

भाजपा ने बताया आधारहीन

भाजपा ने कांग्रेस की आपत्तियों को राजनीति से प्रेरित और निराधार करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नामांकन की पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुरूप संपन्न की गई है और लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। भाजपा ने झारखंड की इस राज्यसभा सीट पर पहले ही अपना उम्मीदवार न उतारकर निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी को समर्थन देने का निर्णय लिया था।

कौन हैं परिमल नाथवानी

परिमल नाथवानी झारखंड से दो बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं और बाद में आंध्र प्रदेश से भी उच्च सदन का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वे विभिन्न संसदीय समितियों में भी काम कर चुके हैं। इस बार वे झारखंड से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में हैं और उन्हें भाजपा का समर्थन हासिल है। नामांकन दाखिल करने के बाद नाथवानी ने कहा था कि झारखंड उनके लिए कोई नया राज्य नहीं है, क्योंकि वे यहां पहले भी 12 वर्षों तक सांसद रह चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि वे अपने कामकाज के आधार पर समर्थन मांग रहे हैं और राज्य के विकास के लिए आगे भी काम करना चाहते हैं।

अब किस ओर रहेंगी निगाहें

फिलहाल पूरे प्रकरण की निगाहें आज होने वाली सुनवाई और रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले पर टिकी हैं। यदि नाथवानी का स्पष्टीकरण संतोषजनक पाया जाता है तो उनका नामांकन कायम रह सकता है। वहीं, अगर आपत्तियों को स्वीकार कर लिया जाता है तो राज्यसभा चुनाव का पूरा समीकरण बदल सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप