झारखंड
एक घंटा पहले
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झारखंड में पड़ रही भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच मौसम का मिजाज बदलने के संकेत हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली (वज्रपात) को देखते हुए मौसम विभाग ने 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इस अवधि में कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राज्य में 9 जून तक मौसम का ऐसा ही उतार-चढ़ाव भरा रुख बना रह सकता है।
रविवार को 13 जिलों में बारिश की चेतावनी
शनिवार को छिटपुट बदलाव के बाद रविवार को राज्य के बड़े हिस्से में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने रविवार के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। तेज हवा के साथ वज्रपात और बारिश की आशंका वाले जिलों में रांची, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, हजारीबाग और कोडरमा शामिल हैं। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा के साथ-साथ गुमला, खूंटी और लोहरदगा में भी असर रहने की संभावना जताई गई है।
वज्रपात को लेकर खास सतर्कता बरतने की सलाह
झारखंड में मानसून की दस्तक में अभी कुछ समय बाकी है, लेकिन उससे पहले हो रही इस बारिश के दौरान वज्रपात का खतरा सबसे अधिक है। मौसम विभाग ने आम लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।
- खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, खेतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से तुरंत दूरी बना लें।
- बारिश और गर्जन के समय सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें।
- वज्रपात के खतरे को कम करने के लिए आंधी-तूफान के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल बेहद सीमित रखें।
पाकुड़ में रिकॉर्ड बारिश, डाल्टेनगंज सबसे गर्म
पिछले 24 घंटों के दौरान झारखंड के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान पाकुड़ के पकुरिया में 80.0 मिलीमीटर की रिकॉर्ड भारी बारिश दर्ज की गई। तापमान के लिहाज से डाल्टेनगंज 41.0 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान लातेहार में 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अगले तीन दिनों में बढ़ेगी तपिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। हालांकि इसके बाद के तीन दिनों में राज्य के कई हिस्सों में पारा 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ सकता है, जिससे लोगों को तीखी धूप और उमस भरी गर्मी झेलनी पड़ सकती है। स्थानीय स्तर पर बादल बनने से बीच-बीच में राहत जरूर मिलेगी, लेकिन कुल मिलाकर गर्मी का असर बना रहेगा।
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