छत्तीसगढ़
एक घंटा पहले
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फिल्मी स्टाइल में वारदात
छत्तीसगढ़ के पेंड्रा स्थित मरवाही थाना क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर आए चार बदमाशों ने एक गांजा तस्कर का अपहरण कर लिया। शनिवार की सुबह करीब साढ़े दस से ग्यारह बजे के बीच हुई इस वारदात में बदमाशों ने पिस्तौल की नोंक पर गिरीश यादव नाम के व्यक्ति को जबरन एक सफेद कार में बैठाया और मौके से फरार हो गए।
क्या है पूरा मामला
जांच में पता चला है कि अपहृत गिरीश यादव कोई आम व्यक्ति नहीं बल्कि एक शातिर तस्कर है। उसे पुलिस ने 25 अप्रैल 2022 को कारीआम गांव से एक 12 चक्का हाइवा गाड़ी के साथ पकड़ा था। उस दौरान गाड़ी में गिट्टी के नीचे छिपाकर 22 क्विंटल 50 किलोग्राम गांजा ले जाया जा रहा था, जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपये थी। गिरीश एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भी गया था और करीब एक साल पहले ही जमानत पर बाहर आकर छिपकर रह रहा था।
अपहरण का तरीका और पुलिस की कार्रवाई
घटना के समय बदमाशों ने खुद को बिलासपुर या स्थानीय क्राइम ब्रांच का बड़ा अधिकारी बताकर स्थानीय लोगों को भ्रमित किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने जब कार रोकने की कोशिश की, तो गाड़ी में बैठे एक व्यक्ति ने खिड़की से धौंस जमाते हुए सरकारी कार्रवाई का हवाला दिया और तेजी से भाग निकले। इस पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लग चुकी है।
- मरवाही थाना पुलिस ने अपहरण और जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज किया है।
- जिले के सभी रास्तों पर सघन नाकेबंदी कर दी गई है।
- पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय और साइबर सेल की टीमें संदिग्धों की तलाश में जुटी हैं।
पुरानी रंजिश की आशंका
एडिशनल एसपी अविनाश मिश्रा ने बताया कि शुरुआती पड़ताल में यह मामला गांजा तस्करों के बीच आपसी लेनदेन या पुरानी दुश्मनी का लग रहा है। पुलिस अब गिरीश यादव के पुराने नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि आरोपियों के ठिकानों का पता लगाया जा सके। फिलहाल, इस हाई प्रोफाइल अपहरण कांड से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
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