छत्तीसगढ़
9 घंटे पहले
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पवित्र रिश्तों का हुआ कत्ल
रायपुर से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद घिनौनी घटना सामने आई है। यहाँ एक पिता ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपनी ही 13 वर्षीय नाबालिग बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाया। आरोपी पिता अपनी पत्नी से अलग होने के बाद शराब के नशे में लंबे समय तक अपनी बेटी का शोषण करता रहा। इस घृणित मामले में न केवल पिता बल्कि पीड़िता की बुआ ने भी उसका साथ दिया, जिसे पुलिस ने अब गिरफ्तार कर लिया है।
पाप छिपाने के लिए रची साजिश
पीड़िता जब पिता की दरिंदगी के कारण गर्भवती हुई, तो इस पाप को समाज और परिवार से छिपाने के लिए अपराधियों ने एक गहरी साजिश रची। शुरुआती दौर में आरोपी ने जबरन उसका गर्भपात करवा दिया था। हालांकि, जब पीड़िता दोबारा गर्भवती हुई, तो हैवान पिता और बुआ ने मिलकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने फर्जीवाड़ा करते हुए नाबालिग का आधार कार्ड बदलवा दिया और उसकी उम्र 16 साल से बढ़ाकर 26 साल दर्ज करवा दी। यही नहीं, अस्पताल के रिकॉर्ड में उसे शादीशुदा दिखाकर प्रसव की प्रक्रिया पूरी की गई।
सोशल मीडिया से खुली पोल
इस पूरी साजिश का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता ने कुछ महीने बाद सोशल मीडिया के जरिए अपनी मां से संपर्क साधा और उसे अपनी आपबीती सुनाई। अपनी बेटी की दर्दनाक कहानी सुनकर मां के होश उड़ गए। वह तुरंत अपने भाई के साथ थाने पहुंची और पिता व अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
किसे बनाया गया आरोपी
पुलिस की जांच में यह साफ हुआ है कि इस गिरोह में कई लोग शामिल थे। पकड़े गए आरोपियों में मुख्य रूप से पीड़िता का पिता और उसकी बुआ शामिल हैं। इनके अलावा, अस्पताल की नर्स, सुपरवाइजर, एंबुलेंस चालक और उसकी पत्नी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, नवजात शिशु का सौदा 6 लाख रुपये में किया गया था। बच्चे को लेने वाले दंपती को भी मामले में आरोपी बनाया गया है, क्योंकि उन्होंने बच्चे को गोद लेने की किसी भी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। पुलिस अब फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले व्यक्ति की तलाश कर रही है।
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