रेलवे का बड़ा तोहफा, तत्काल टिकट बुकिंग की रफ्तार अब 5 गुना तेज, दलालों पर कसेगा शिकंजा व्यापार 2 महीने पहले 70
भारतीय रेलवे अपने बुकिंग सिस्टम को तकनीकी रूप से अपग्रेड कर रहा है, जिससे टिकट बुकिंग की क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा। अब एक मिनट में 1.25 लाख टिकट बुक किए जा सकेंगे, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

टिकट बुकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव

भारतीय रेलवे ने अपने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को हाई-टेक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब यात्रियों को तत्काल टिकट बुक करने के दौरान सर्वर डाउन होने या ऐप के हैंग होने जैसी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। रेलवे अपनी इस ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सक्षम बना रहा है।

क्षमता में 5 गुना तक वृद्धि

रेल मंत्रालय की तकनीकी शाखा क्रिस (CRIS) ने अपने 41वें स्थापना दिवस के अवसर पर इस महत्वपूर्ण अपग्रेड की जानकारी दी है। वर्तमान में रेलवे का सिस्टम एक मिनट में अधिकतम 25 हजार टिकट बुक करने में सक्षम है, लेकिन अपग्रेड के बाद यह क्षमता 5 गुना बढ़ जाएगी। नए सिस्टम के लागू होने के बाद, रेलवे का पोर्टल प्रति मिनट 1.25 लाख टिकट प्रोसेस कर पाएगा।

त्योहारी सीजन में मिलेगी बड़ी राहत

आम यात्रियों के लिए यह किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है। विशेषकर त्योहारों के दौरान जब यात्रियों की भारी भीड़ के कारण आईआरसीटीसी (IRCTC) ऐप पर दबाव बढ़ जाता है, तब यह नया सिस्टम गेम-चेंजर साबित होगा। अक्सर सुबह 10 बजे और 11 बजे तत्काल टिकटों की बुकिंग के समय वेबसाइट या ऐप पर भारी ट्रैफिक के कारण तकनीकी खामियां आती थीं। नया सिस्टम इस भारी लोड को आसानी से संभाल सकेगा, जिससे उपयोगकर्ताओं का सत्र लॉग-आउट नहीं होगा और टिकट बुकिंग प्रक्रिया बाधा रहित पूरी हो सकेगी।

दलालों की गतिविधियों पर लगाम

रेलवे का मानना है कि इस तकनीकी उन्नयन से न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि अवैध रूप से टिकट बुक करने वाले दलालों पर भी लगाम लगेगी। सिस्टम की गति और पारदर्शिता बढ़ने से दलालों द्वारा उपयोग किए जाने वाले स्लो सर्वर या लूपहोल का फायदा उठाना मुश्किल हो जाएगा। रेलवे प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि आम आदमी को यात्रा के लिए टिकट पाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और उसे अपनी यात्रा की योजना आसानी से बनाने का मौका मिले।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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