राष्ट्रीय राजनीति
7 घंटे पहले
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विचारों
जातीय जनगणना पर राहुल गांधी का बड़ा बयान
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर जातीय जनगणना के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार को घेरा है। उन्होंने सरकार की नीतियों और नीयत पर सवाल उठाते हुए एक बड़ा बयान दिया है। राहुल गांधी ने देश के युवाओं, विशेषकर Gen Z के हालिया आंदोलनों का उदाहरण देते हुए सरकार को चेतावनी भरे लहजे में आगाह किया है।
'अगर OBC समाज सड़कों पर उतरा तो क्या होगा?'
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि अगर देश का OBC समाज भी Gen Z के युवाओं की तरह अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर आया, तो सरकार के पास इससे निपटने का क्या रास्ता बचेगा? उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार इस मुद्दे से बचने की कोशिश कर रही थी, लेकिन जनता की मांग के आगे उसे झुकना ही होगा।
दबाव में लिया गया फैसला: राहुल गांधी का आरोप
कांग्रेस नेता ने अपने बयान में दावा किया कि केंद्र सरकार पहले देश में जातीय जनगणना कराने के पूरी तरह से खिलाफ थी। लेकिन विपक्ष और समाज के विभिन्न वर्गों के चौतरफा दबाव के बाद सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा। इसी दबाव का नतीजा है कि अब इसे आगामी जनगणना में शामिल करने की बात कही जा रही है।
राहुल गांधी ने इस व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार के पास ऐसी क्या योजना है जो यह सुनिश्चित करेगी कि OBC समाज की आबादी और उनके प्रतिनिधित्व के आंकड़ों को सही और पारदर्शी तरीके से दर्ज किया जा सके।
सरकार का पक्ष: जनगणना 2027 का रोडमैप
दूसरी तरफ, केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले पर अपना रुख स्पष्ट किया है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार:
- देश में आगामी जनगणना का आयोजन वर्ष 2027 में किया जाएगा।
- जातीय जनगणना को इस प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर नहीं रखा गया है।
- सरकार द्वारा तय योजना के मुताबिक, Census 2027 के दूसरे चरण में जातीय गणना का काम पूरा किया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि सरकार के इस कदम से विपक्ष की मांगें शांत होती हैं या जातीय जनगणना को लेकर देश की सियासत आने वाले दिनों में और गरमाती है।
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