वोटर लिस्ट विवाद: राघव चड्ढा का पलटवार, आम आदमी पार्टी को बताया 'बिटर एक्स' राष्ट्रीय राजनीति 2 घंटे पहले 4
राघव चड्ढा के वोटर लिस्ट रजिस्ट्रेशन पर आम आदमी पार्टी के आरोपों को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है, जिसके बाद चड्ढा ने पार्टी पर तीखा तंज कसा है।

वोटर लिस्ट को लेकर छिड़ा विवाद और चुनाव आयोग का रुख

राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने की प्रक्रिया को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी सांसद राघव चड्ढा के बीच विवाद गरमा गया है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि नियमों को ताक पर रखकर राघव चड्ढा का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है। इस पूरे मामले पर चुनाव आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और स्थापित नियमों के अधीन होती है।

चुनाव आयोग ने आरोपों पर क्या कहा

आम आदमी पार्टी ने 8 सितंबर 2026 को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र-39 की वोटर लिस्ट में धांधली की गई है। इस पर दिल्ली के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ने आधिकारिक जवाब दिया है। आयोग का कहना है कि वोटर का नाम जोड़ने के लिए फॉर्म 6, फॉर्म 7 और फॉर्म 8 का प्रयोग अनिवार्य है। इन आवेदनों पर इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर नियमानुसार कार्रवाई करते हैं। आयोग के अनुसार, यह काम जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और वोटर रजिस्ट्रेशन नियम 1960 के तहत होता है। 31 अगस्त 2026 को जो ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई थी, वह 30 जून से 17 अगस्त तक चले कैलकुलेशन फेज पर आधारित है। आयोग ने साफ किया कि इसमें किसी भी गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं हुआ है।

सीरियल नंबर और सप्लीमेंट्री लिस्ट का गणित

आम आदमी पार्टी का मुख्य दावा यह था कि ड्राफ्ट लिस्ट में केवल 746 वोट दर्ज थे, फिर राघव चड्ढा का सीरियल नंबर 747 कैसे हो गया। इसे लेकर पार्टी ने बड़े घोटाले का आरोप लगाया था। इस पर बीजेपी के इलेक्शन सेल के कन्वीनर एडवोकेट संकेत गुप्ता ने स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के नियमों में सप्लीमेंट्री लिस्ट का प्रावधान है। 16 जून को जब ड्राफ्ट रोल फ्रीज हुआ था, उसके बाद जो आवेदन आए, उन्हें सप्लीमेंट्री लिस्ट में जोड़ा जाता है। यदि ड्राफ्ट लिस्ट 746 पर समाप्त होती है, तो अगला अप्रूव नाम 747 नंबर पर ही आएगा। इसमें कोई अनियमितता नहीं है। नया एपिक नंबर फॉर्म अप्रूव होने के बाद ही जारी होता है। 8 सितंबर तक अलग-अलग विधानसभाओं में लगभग 700 फॉर्म 6 अप्रूव किए जा चुके हैं। आगामी 4 नवंबर 2026 को फाइनल लिस्ट प्रकाशित की जाएगी।

राघव चड्ढा का आम आदमी पार्टी पर तीखा तंज

अपने वोटर आईडी विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वे अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए एक चुनौती बन गए हैं। राघव चड्ढा के शब्दों में, 'आम आदमी पार्टी एक ऐसी बिटर एक्स (नाराज पूर्व साथी) की तरह बर्ताव कर रही है जिसे अभी-अभी डंप किया गया हो।' उन्होंने आगे कहा कि पार्टी ने उन्हें निशाना बनाने के लिए एक अलग विभाग ही बना रखा है। राघव चड्ढा ने जोर देकर कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग के सभी दिशानिर्देशों का पालन किया है और उनका नाम नियम अनुसार ही सूची में शामिल हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी छोड़ने के बाद से आम आदमी पार्टी नेतृत्व उन्हें बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है।

बीजेपी ने आम आदमी पार्टी की मंशा पर उठाए सवाल

बीजेपी नेता संकेत गुप्ता ने आम आदमी पार्टी पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आप की आदत बन गई है कि बिना किसी सबूत के किसी भी मुद्दे को विवादित बना दिया जाए। उनका मानना है कि आम आदमी पार्टी का एकमात्र उद्देश्य जनता और मतदाताओं के मन में चुनाव प्रणाली को लेकर संशय पैदा करना है ताकि वे राजनीतिक लाभ ले सकें। राघव चड्ढा ने भी समर्थन करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी चुनाव आयोग के रिकॉर्ड को अपनी निजी संपत्ति या रजिस्टर समझ बैठी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली की राजनीति में इस तरह के भ्रामक नैरेटिव और झूठे दावों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। तथ्य स्पष्ट हैं और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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