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2 घंटे पहले
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अपने एक घर का सपना तो हर किसी की आंखों में बसता है, मगर दिल्ली-एनसीआर जैसे इलाके में इस ख्वाब को हकीकत में बदलना अपने आप में किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं। बीते कुछ वर्षों में जिस रफ्तार से प्रॉपर्टी की कीमतें आसमान छू रही हैं, उससे मेट्रो शहरों में घर बसाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में अगर आप भी इस क्षेत्र में आशियाना खरीदने की योजना बना रहे हैं और आपका बजट 1 करोड़ रुपये से कम का है, तो यह जानकारी आपके बहुत काम आ सकती है।
यहां हम उन ठिकानों की चर्चा करेंगे जहां 1 करोड़ रुपये से कम दाम में ठीकठाक स्पेस वाले 2बीएचके फ्लैट मिल सकते हैं। दिल्ली-एनसीआर में जिस अनुपात में इन्फ्रा परियोजनाओं और कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है, उसी हिसाब से जमीन-जायदाद के दाम भी चढ़े हैं। यही कारण है कि खरीदारों के सामने 1 करोड़ से कम कीमत वाली संपत्तियों के विकल्प तेजी से सिमटते जा रहे हैं।
नए प्रोजेक्ट महंगे, रीसेल में ज्यादा विकल्प
इस प्राइस बास्केट में अब अधिकतर रीसेल वाले मकान ही उपलब्ध हैं। महंगाई की मार के चलते नए प्रोजेक्ट की लागत बढ़ रही है और उनका दाम भी 1 करोड़ के दायरे से बाहर निकल रहा है। इसके बावजूद आज भी कई ऐसे इलाके मौजूद हैं, जहां इसी कीमत में आपका घर का सपना पूरा हो सकता है।
किन इलाकों में मिलेंगे विकल्प
रियल एस्टेट ब्रोकर्स के मुताबिक भले ही दिल्ली-एनसीआर में ज्यादातर नए प्रोजेक्ट प्रीमियम सेग्मेंट में ही लॉन्च हो रहे हों, लेकिन 1 करोड़ वाले वर्ग के मकान अब भी कई जगह उपलब्ध हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के अलावा दिल्ली तथा गुरुग्राम की कुछ जगहों पर भी इस दायरे में मकान मिल रहे हैं। इन अपार्टमेंट का औसत आकार 500 से लेकर 1,150 वर्गफुट के आसपास रहता है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कहां हैं घर
ब्रोकर्स का कहना है कि निर्माण लागत बढ़ने की वजह से नए लॉन्च होने वाले प्रोजेक्ट महंगे साबित हो रहे हैं, लिहाजा 1 करोड़ की रेंज में फिलहाल रीसेल प्रॉपर्टीज ही ज्यादा मौजूद हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट आज भी एनसीआर के सबसे किफायती इलाकों में गिना जाता है। यहां Ace Group, Gaur Group और Nirala World जैसे डेवलपर्स 2बीएचके और कॉम्पैक्ट 3बीएचके फ्लैट्स 1 से 1.5 करोड़ रुपये में पेश कर रहे हैं।
नोएडा में भी सस्ते मकान
नोएडा की बात करें तो सेक्टर 73, 74, 75, 76, 77 और 121 में आज भी 1 करोड़ रुपये की रेंज में 2बीएचके मकान लॉन्च हो रहे हैं। इन इलाकों में Antriksh Kanbal, Ajnara Grand Heritage, Prateek Wisteria समेत कई पुराने डेवलपर्स अपने प्रोजेक्ट ला रहे हैं।
नोएडा और गाजियाबाद में रियल एस्टेट ब्रोकर के तौर पर सक्रिय रोहित खटाना के अनुसार यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर, खासकर सेक्टर 22डी, 18 और 20 में बड़े घर इसी कीमत के दायरे में दिए जा रहे हैं। यहां से नोएडा एयरपोर्ट के लिए सीधा रास्ता भी जुड़ता है।
गाजियाबाद आज भी बजट फ्रेंडली
ब्रोकर्स का मानना है कि पूरे एनसीआर में सबसे किफायती प्रॉपर्टीज अब भी गाजियाबाद में ही मिलती हैं। इंदिरापुरम, वैशाली, क्रॉसिंग रिपब्लिक और राज नगर एक्सटेंशन जैसे इलाकों में रेडी टू मूव अपार्टमेंट रीसेल पर 1 करोड़ रुपये से कम दाम में उपलब्ध हैं। इंदिरापुरम और वैशाली में 2बीएचके, 2.5बीएचके और कॉम्पैक्ट 3बीएचके मकान भी इसी रेंज में मिल जाते हैं। यहां महागुन ग्रुप, गौर ग्रुप के साथ-साथ अजनारा और सुपरटेक जैसे नामी डेवलपर्स भी किफायती संपत्तियां बेच रहे हैं।
गुरुग्राम, फरीदाबाद और दिल्ली में कहां विकल्प
गुरुग्राम और दिल्ली में 1 करोड़ की रेंज वाले मकानों के विकल्प भले कम हों, फिर भी सोहना, न्यू पालम विहार, न्यू गुरुग्राम और सेक्टर 71, 84, 85 तथा 86 में कॉम्पैक्ट अपार्टमेंट मौजूद हैं। इसके अलावा फरीदाबाद के सेक्टर 75, 77, 78, 85 और नहरपार जैसे इलाकों में भी 2 और 3बीएचके अपार्टमेंट आपके बजट में आ जाएंगे।
दिल्ली की बात करें तो 1 करोड़ की रेंज में मुख्य रूप से रीसेल या बिल्डर फ्लोर ही मिलते हैं। ऐसी प्रॉपर्टीज आपको रोहिणी, उत्तम नगर, पुराना द्वारका, मयूर विहार और पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों में दिख जाएंगी। इनके अलावा एनसीआर के बाहरी ठिकानों जैसे सोहना, यमुना एक्सप्रेसवे, दुहाई और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़े गुलधार जैसे इलाकों में भी किफायती मकानों का विकल्प मौजूद है।
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