राजस्थान
एक घंटा पहले
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प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी थाना क्षेत्र में जब्त की गई शराब के निस्तारण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। आरोप है कि नियम के मुताबिक शराब को नष्ट करने के बजाय उसे ठेकेदारों के हाथों बेच दिया गया, जबकि सरकारी दस्तावेजों में उसे पूरी तरह नष्ट किया हुआ दर्शाया गया।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार पांच पुराने आबकारी प्रकरणों में जब्त की गई 139 कार्टन शराब का यह मामला है। इन सभी कार्टनों को विधिवत नष्ट किया जाना था, लेकिन आरोप है कि इन्हें नष्ट करने के बजाय ठेकेदारों को बेच दिया गया।
कागजों में नष्ट दिखाने की साजिश
फर्जीवाड़े को असली दिखाने के लिए दस्तावेजी कार्यवाही भी पूरी की गई। शराब को नष्ट किया हुआ साबित करने के मकसद से इसके फोटो और वीडियो तक तैयार किए गए, ताकि रिकॉर्ड में किसी तरह का संदेह न रहे।
ऐसे खुली पोल
इस गड़बड़ी का खुलासा उस समय हुआ जब एसपी को इसकी गुप्त सूचना मिली। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए रास्ते में शराब से भरी एक पिकअप को पकड़ लिया गया, जिससे पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं।
दो पुलिसकर्मी निलंबित
मामले की जांच के बाद कार्रवाई करते हुए मालखाना प्रभारी हेड कांस्टेबल और एक अन्य कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
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