कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, आसपास के देशों में भी थरथराई धरती विश्व 2 घंटे पहले 2
दक्षिण अमेरिका के कोलंबिया में सोमवार को 7.4 तीव्रता के जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसके कारण लोग घबराकर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।

भूकंप से दहला पश्चिमी कोलंबिया

दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के कोलंबिया में सोमवार को धरती ने जोरदार कंपन महसूस किया। पश्चिमी कोलंबिया के इलाकों में आए इस भीषण भूकंप ने न केवल कोलंबिया, बल्कि पड़ोसी देश इक्वाडोर में भी लोगों की चिंताएं बढ़ा दीं। झटके इतने तेज थे कि घबराए हुए लोग तुरंत अपनी इमारतों और घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े।

7.4 रही भूकंप की भयावह तीव्रता

यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे और कोलंबिया की संबंधित आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने इस भूकंप की तीव्रता 7.4 मापी है। दोनों ही प्रमुख एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि भूकंप का केंद्र काफी गहराई में स्थित था। भूगर्भीय रिपोर्ट के अनुसार, इसका केंद्र सैन होजे डेल पाल्मार इलाके को बताया गया है, जो कोलंबिया की राजधानी बोगोटा से करीब 250 मील या 400 किलोमीटर पश्चिम की दिशा में स्थित है।

नुकसान की समीक्षा जारी

अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल इस प्राकृतिक आपदा के बाद किसी प्रकार के बड़े नुकसान या जान-माल की हानि की तत्काल कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में जून के अंतिम दिनों में वेनेजुएला में भी भूकंप की दो बड़ी घटनाएं दर्ज की गई थीं, जिनकी तीव्रता क्रमशः 7.2 और 7.5 थी। उन भूकंपों के कारण वहां करीब 5,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और सैकड़ों इमारतें मलबे में तब्दील हो गई थीं। वह वेनेजुएला में पिछले 125 वर्षों में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप था।

जापान में भी देखी गई ऐसी ही स्थिति

भूकंप की ऐसी ही एक घटना हाल ही में जापान के दक्षिणी मुख्य द्वीप क्यूशू पर स्थित कुमामोटो में भी दर्ज की गई थी, जहां 7.1 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, इसका केंद्र समुद्र की सतह से केवल 10 किलोमीटर या 6 मील की गहराई पर था। यह स्थान टोक्यो से लगभग 900 किलोमीटर यानी 540 मील दक्षिण-पश्चिम में है।

रिक्टर स्केल पर भूकंप का असर

भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का उपयोग किया जाता है, जिसके पैमाने इस प्रकार हैं:

  • 4 से 4.9 तीव्रता: घर का सामान नीचे गिर सकता है।
  • 5 से 5.9 तीव्रता: भारी फर्नीचर और सामान हिलने लगते हैं।
  • 6 से 6.9 तीव्रता: इमारतों की नींव में दरार आ सकती है।
  • 7 से 7.9 तीव्रता: इमारतें गिरने और भारी नुकसान की संभावना होती है।
  • 8 से 8.9 तीव्रता: सुनामी का खतरा और व्यापक तबाही।
  • 9 या उससे अधिक: सबसे भीषण और विनाशकारी स्थिति।
साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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