आयुष धर्मान्तरण प्रकरण: फर्जी AI वीडियो का पर्दाफाश, मौलाना समेत कई हैंडल पुलिस के निशाने पर भारत एक घंटा पहले 4
शामली के व्यापारी पुत्र आयुष मलिक के नाम से वायरल हुआ धर्म बदलने का वीडियो पुलिस जांच में AI जेनरेटेड निकला। मामले में 50 इंस्टाग्राम हैंडल पुलिस के रडार पर हैं और एक मौलाना की गिरफ्तारी तय मानी जा रही है।

तकनीक के दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें महाराष्ट्र के एक मौलाना ने धर्मान्तरण को बढ़ावा देने के लिए AI से बने वीडियो का सहारा लिया। कुछ दिन पहले शामली में एक व्यापारी के इकलौते बेटे आयुष के जबरन धर्म परिवर्तन की खबर चर्चा में आई थी, जिसमें तीन लोगों को जेल भेजा जा चुका है। इसी बीच सोशल मीडिया पर आयुष मलिक का एक वीडियो जमकर वायरल हुआ, जिसमें वह खुद को मोहम्मद अली बता रहा है। वीडियो में आयुष यह कहता दिखता है कि उसने अपनी इच्छा से इस्लाम कबूल किया है, उस पर किसी ने दबाव नहीं डाला, उसे परेशान न किया जाए और वह किसी भी कीमत पर इस्लाम नहीं छोड़ेगा।

आयुष की कथित बहन का फर्जी वीडियो

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाया गया और 50 से ज्यादा सोशल मीडिया हैंडल्स के जरिये इसी तरह के कई वीडियो प्रसारित किए गए। इसके बाद एक दूसरा वीडियो सामने आया, जिसमें सबीना नाम की एक लड़की ने खुद को आयुष की बहन बताया। उसने दावा किया कि उसके भाई को बेवजह परेशान किया जा रहा है और धर्म व्यक्ति की अपनी पसंद का मामला है, जिसमें किसी को दखल नहीं देना चाहिए। उसने यह भी कहा कि जब कोई मुसलमान हिंदू बनता है, तब यह मामला क्यों नहीं उठाया जाता।

पिता ने बेटी होने से किया इनकार

जब सबीना का यह वीडियो आयुष के पिता देवराज मलिक तक पहुंचा तो वे हैरान रह गए, क्योंकि उनकी सिर्फ एक ही बेटी है और उसकी शादी हो चुकी है। देवराज मलिक के मुताबिक उनकी बेटी नोएडा में रहती है और बेटा आयुष भी अपनी बहन के साथ ही रह रहा है। सबीना का वीडियो देखने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर लोगों को बताया कि जो लड़की आयुष की बहन होने का दावा कर रही है, उससे उनका कोई संबंध नहीं है और वे उसे जानते तक नहीं हैं।

जांच में फर्जी निकला वीडियो

वीडियो देखने के बाद देवराज मलिक पुलिस के पास पहुंचे और FIR दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि आयुष का जो वीडियो प्रसारित हो रहा था, वह असल में AI जेनरेटेड था और इसे नासिक से पोस्ट किया गया था। शामली पुलिस ने नासिक पुलिस से संपर्क किया और जिस इंस्टाग्राम हैंडल से यह वीडियो डाला गया था, उसकी जानकारी सामने आने पर पता चला कि इसे एक जाने-माने मौलाना ने पोस्ट किया था। इसके बाद कई हैंडल्स से इस AI वीडियो को असली बताकर फैलाया गया। इस मामले में 50 इंस्टाग्राम हैंडल पुलिस की निगरानी में आ गए।

कई आरोपी यूपी पुलिस के रडार पर

यूपी पुलिस की एक टीम नासिक भेजी गई है। हालांकि मौलाना अब अपने इस कृत्य पर माफी मांग रहे हैं, लेकिन उनकी गिरफ्तारी तय मानी जा रही है। इस प्रकरण में कुर्ला के SDPI नेता आसिफ खान भी पुलिस के रडार पर हैं, जिन्होंने इसी तरह का फर्जी वीडियो प्रसारित किया था। अब पुलिस आयुष की बहन होने का दावा करने वाली सबीना की तलाश कर रही है। पुलिस की सख्ती से घबराकर सबीना ने तुरंत एक वीडियो जारी कर माफी मांगी और कहा कि वह न तो आयुष की बहन है और न ही उसके परिवार को जानती है।

डीप फेक की पहचान करना कठिन

AI से बने डीप फेक वीडियो इतनी चतुराई से तैयार किए जाते हैं कि आम आदमी के लिए असली और नकली का फर्क पहचानना मुश्किल हो जाता है। अब तक डीप फेक का इस्तेमाल फर्जी दवाएं बेचने, फर्जी कंपनियों में निवेश को बढ़ावा देने और शादी कराने जैसे कामों के लिए होता रहा है, लेकिन धर्म परिवर्तन के लिए इसका उपयोग पहली बार सामने आया है। लोग डीप फेक के जाल में इसलिए फंसते हैं क्योंकि उन्हें इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं होती।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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