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3 घंटे पहले
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प्रधानमंत्री मोदी ने दी लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान रविवार को ताशकंद पहुंचे, जहां उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के स्मारक पर जाकर उन्हें नमन किया। उन्होंने शास्त्री जी को पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। विदेश मंत्रालय ने इस अवसर पर कहा कि लाल बहादुर शास्त्री का प्रसिद्ध नारा 'जय जवान, जय किसान' आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करने का काम करता है। मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि शास्त्री जी का जीवन साहस, सादगी और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा का एक बड़ा उदाहरण था। गौरतलब है कि भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का 11 जनवरी 1966 को ताशकंद में अचानक निधन हो गया था, जो कि भारत-पाकिस्तान के बीच 1965 के युद्ध को समाप्त करने के लिए हुए ऐतिहासिक ताशकंद समझौते के कुछ ही घंटों बाद की दुखद घटना थी।
संयुक्त वृक्षारोपण और साझा प्रतिबद्धता
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ मिलकर राष्ट्रपति भवन के बगीचे में एक पौधा भी लगाया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह वृक्षारोपण भारत की 'एक पेड़ मां के नाम' पहल और उज्बेकिस्तान के 'यशिल माकोन' यानी हरित प्रयासों के तहत किया गया। यह विशेष कार्यक्रम कुक्सारॉय राष्ट्रपति भवन में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के उपरांत आयोजित हुआ। इस पहल को एक हरित और टिकाऊ भविष्य के प्रति भारत और उज्बेकिस्तान की साझा प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए विस्तृत बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने अपनी साझेदारी को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक अपग्रेड करने का फैसला लिया है। चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं:
- 5 अरब अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य जो वर्ष 2030 तक पूरा किया जाएगा।
- रक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स और अंतरिक्ष सहयोग।
- डिजिटल बुनियादी ढांचा, UPI, नवाचार और स्टार्ट-अप क्षेत्र में काम करना।
- महत्वपूर्ण खनिज, कृषि, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ाना।
- आर्थिक संबंधों को और गहरा करने के उद्देश्य से एक व्यापार शिखर सम्मेलन आयोजित करना।
किर्गिज़स्तान के लिए प्रस्थान
उज्बेकिस्तान के साथ सफल बातचीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब किर्गिज़स्तान की अपनी यात्रा के लिए रवाना हो गए हैं। वह बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिज़स्तान की यात्रा पर रहेंगे, जहाँ वे विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
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