भारत
एक दिन पहले
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विचारों
प्रधानमंत्री का युवाओं के साथ सीधा संवाद
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकसित गांव प्रोग्राम 2026 में भाग लेने वाले युवाओं के साथ एक महत्वपूर्ण चर्चा की। इस बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने देश की सांस्कृतिक विरासत और सामूहिकता की पुरानी परंपरा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में साथ मिलकर काम करने की जो संस्कृति रही है, वही आज के युवाओं की सबसे बड़ी ताकत है। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से देश के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और वहां की चुनौतियों को समझने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
राष्ट्र निर्माण में Gen-Z का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान युवा प्रतिभागी दिव्यांशु जोशी ने प्रधानमंत्री के सामने Gen-Z की एक नई और प्रेरणादायक परिभाषा प्रस्तुत की। उन्होंने सभी MY भारत वॉलंटियर्स की ओर से प्रधानमंत्री को यह विश्वास दिलाया कि विकसित भारत के जिस विजन को उन्होंने देखा है, उसे हकीकत में बदलने के लिए देश का युवा पूरी तरह से समर्पित है। युवाओं ने स्पष्ट किया कि उनके लिए Gen-Z का अर्थ केवल एक पीढ़ी नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण का एक नया अध्याय है।
युवाओं की नजर में Gen-Z का अर्थ
दिव्यांशु जोशी ने Gen-Z के दृष्टिकोण को परिभाषित करते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे। उनके अनुसार, आज का युवा चरित्र-निर्माण, जन-सेवा और नवाचार यानी इनोवेशन का दूसरा नाम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पीढ़ी के लिए 'राष्ट्र सर्वोपरि' (Nation First) का मंत्र सर्वोपरि है। युवाओं ने बताया कि सीमावर्ती गांवों के अपने दौरों के दौरान उन्होंने जो अनुभव प्राप्त किए हैं, उन्हें वे जल्द ही एक विस्तृत समरी नोट के रूप में प्रधानमंत्री के साथ साझा करेंगे।
क्या है विकसित गांव प्रोग्राम?
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, विकसित गांव प्रोग्राम को MY भारत के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना है, जिसके तहत सीमावर्ती गांवों को राष्ट्र का 'पहला गांव' माना जाता है। इस यात्रा में इन गांवों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। विकसित गांव प्रोग्राम 2026 को दो चरणों में **4 जून** से **30 जून** के बीच आयोजित किया गया था। इसमें लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के **74** जीवंत गांवों को केंद्र में रखा गया था।
400 से अधिक युवाओं की सक्रिय भागीदारी
इस पूरे आयोजन के लिए देशभर से **400** से अधिक युवा प्रतिभागियों का चयन किया गया था। इसके लिए एक विशाल राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित हुई थी, जिसमें **3 लाख** से अधिक युवाओं ने अपनी किस्मत आजमाई थी। प्रतिभागियों ने इन गांवों में स्थानीय समुदायों के साथ समय बिताया और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जिनमें प्रमुख हैं:
- स्वच्छता अभियान और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता फैलाना।
- युवा सम्मेलन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम।
- वृक्षारोपण अभियान और मिनी मॉडल पंचायत सिमुलेशन।
- स्थानीय कारीगरों के साथ चर्चा और महत्वपूर्ण संस्थानों का दौरा।
सांस्कृतिक विरासत और विकास की समझ
इस कार्यक्रम का लक्ष्य केवल भ्रमण करना नहीं था, बल्कि युवाओं को सीमावर्ती क्षेत्रों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति से रूबरू कराना था। इससे युवाओं में राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत हुई और उन्हें सीमावर्ती गांवों के रणनीतिक महत्व का सीधा अनुभव मिला। यह पहल निश्चित रूप से आने वाले समय में देश के दूर-दराज के क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करने में सहायक सिद्ध होगी।
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