भविष्य के भारत का खाका तैयार करें, महज मौजूदा आंकड़ों तक सीमित न रहें: पीएम मोदी ने अफसरों को दिया बड़ा मंत्र भारत 2 घंटे पहले 3
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के सचिवों के साथ एक अहम उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को लंबी अवधि की सोच रखने और सरकारी कामकाज में 'होल ऑफ गवर्नमेंट' दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।

आगामी वर्षों के लिए दूरदर्शी सोच की आवश्यकता

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के विभिन्न सचिवों के साथ एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक की। यह इस श्रृंखला की तीसरी बैठक थी। इस चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु बुनियादी ढांचा, कनेक्टिविटी, राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और प्रशासनिक सुधार जैसे संवेदनशील मुद्दे रहे। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में केवल तात्कालिक समस्याओं और मौजूदा आंकड़ों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि समय की मांग है कि सरकारी तंत्र आने वाले वर्षों की चुनौतियों को देखते हुए देश के भविष्य का खाका तैयार करे।

सरकारी विभागों में 'साइलो' मानसिकता को खत्म करना

प्रधानमंत्री ने सरकारी काम-काज में व्याप्त 'साइलो' यानी अलग-थलग काम करने की संस्कृति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने समझाया कि साइलो सिर्फ संगठनात्मक ढांचा नहीं, बल्कि एक मानसिकता है जो वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल दोनों ही स्तरों पर काम में बाधा डालती है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे जिम्मेदारी का भाव रखते हुए 'पूरी सरकार एक साथ' वाली नीति के तहत काम करें। प्रधानमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान और पश्चिम एशिया में उत्पन्न हुए संकट के समय विभिन्न विभागों ने जिस तरह से आपसी तालमेल बिठाकर काम किया था, वही कार्यशैली भविष्य में भी जारी रहनी चाहिए।

डेटा है देश की असली संपदा

इस बैठक में डेटा प्रबंधन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने डेटा को भविष्य के लिए देश की बहुमूल्य राष्ट्रीय संपत्ति करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार बड़ी मात्रा में डेटा जुटाने और उसे सुरक्षित रखने के लिए भारी संसाधनों का निवेश करती है, लेकिन विभागों के बीच आपसी तालमेल न होने के कारण इस डेटा की पूरी क्षमता का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने ऐसी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया जिसमें अलग-अलग विभागों के डेटा सिस्टम एक-दूसरे के साथ सहजता से जुड़ सकें, ताकि इसका प्रभावी इस्तेमाल राष्ट्र निर्माण के लिए किया जा सके।

AI तकनीक और मानवीय समझ का संतुलन

तकनीकी नवाचार पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकारी कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भरपूर इस्तेमाल होना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही मानवीय समझ और निर्णय लेने की क्षमता भी बनी रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे तकनीक के नए और रचनात्मक पहलुओं पर शोध करें ताकि उसका लाभ तो मिले, लेकिन अंतिम फैसले में इंसानी विवेक हमेशा सर्वोपरि रहे। साथ ही, उन्होंने सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और युवा पीढ़ी के बीच संवाद को अधिक गहरा करने की जरूरत बताई, जिससे नीतियों में लीक से हटकर नए विचार शामिल किए जा सकें।

डिफेंस और समुद्री अर्थव्यवस्था को नई गति

देश की रक्षा उद्योग क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र के लिए आधुनिक पाठ्यक्रम विकसित करने और कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में तेजी से काम करने का आह्वान किया। इसके अतिरिक्त, भारत की समुद्री अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक विस्तृत रणनीति पर मंथन हुआ। प्रधानमंत्री ने इस बात को दोहराया कि जहाज निर्माण उद्योग को पहले ही बुनियादी ढांचे का दर्जा प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मिशन मोड में काम करते हुए इस क्षेत्र की प्रगति की निरंतर निगरानी करें।

टीम भावना और व्यक्तिगत संवाद का महत्व

बैठक के समापन पर प्रधानमंत्री ने सरकारी अधिकारियों के बीच टीम भावना को और अधिक मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने जूनियर अधिकारियों के साथ अनौपचारिक और व्यक्तिगत स्तर पर अधिक संवाद करें। उन्होंने कहा कि अलग-अलग सेवाओं और विभागों के बीच एक मजबूत नेटवर्क विकसित होना चाहिए, ताकि सरकार का पूरा तंत्र एक इकाई की तरह काम कर सके। इस उच्चस्तरीय सत्र के दौरान विभिन्न सचिवों ने अपने संबंधित क्षेत्रों की प्राथमिकताओं, नई उभरती चुनौतियों और कार्यान्वयन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों के बारे में अपने अनुभव साझा किए।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप