पीएम मोदी की युवाओं से खास अपील, जनगणना में योगदान के लिए मांगे 1-2 घंटे राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 3
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से जनगणना के काम में भागीदारी निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर सटीक डेटा दर्ज करने में मदद मांगी है।

लाल किले से पीएम मोदी का संदेश

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने की दिशा में देश की युवा शक्ति को एक विशेष जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने युवाओं से देश के विकास के लिए अपने व्यस्त जीवन में से केवल 1-2 घंटे का योगदान मांगा है। यह समय किसी आम काम के लिए नहीं, बल्कि देश की आगामी जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए मांगा गया है।

जनगणना में युवाओं की सक्रिय भागीदारी

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनगणना का कार्य केवल आंकड़ों का संग्रह मात्र नहीं है। यह आने वाले दशकों में देश की नीतियों, सामाजिक सुधारों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने का आधार है। उन्होंने जोर दिया कि जनगणना के माध्यम से जुटाई गई सटीक जानकारी भविष्य में देश के संसाधनों के सही बंटवारे और विकास के सही लक्ष्य तय करने में निर्णायक साबित होगी। इसलिए युवाओं को इस राष्ट्रीय कार्य में एक जागरूक नागरिक के तौर पर अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

तकनीक का हो रहा बेहतर इस्तेमाल

अतीत में सरकारी प्रतिनिधियों द्वारा घर-घर जाकर जानकारी जुटाने की प्रक्रिया में कभी-कभी मानवीय भूलों की संभावना बनी रहती थी। प्रधानमंत्री ने इस बात का संज्ञान लिया कि जल्दबाजी में सूचनाएं दर्ज करने पर गलतियां हो सकती हैं। इसे सुधारने के लिए इस बार तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता दी जा रही है। अब आम नागरिक अपने मोबाइल फोन का उपयोग कर घर बैठे ही जनगणना की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यह डिजिटल प्रक्रिया न केवल समय बचाएगी बल्कि डेटा की शुद्धता को भी सुनिश्चित करेगी।

परिजनों के साथ मिलकर भरें सही विवरण

पीएम मोदी ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने घरों में एक उदाहरण पेश करें। उन्होंने सलाह दी कि युवा अपने पूरे परिवार के साथ बैठकर जनगणना के फॉर्म भरें। नाम, पता और अन्य आवश्यक जानकारियों को दर्ज करते समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने विशेष रूप से नामों की स्पेलिंग और अन्य विवरणों को त्रुटिहीन रखने पर जोर दिया ताकि भविष्य में किसी भी प्रशासनिक प्रक्रिया में लोगों को असुविधा न हो।

बुजुर्गों को डिजिटल साक्षर बनाने का आग्रह

प्रधानमंत्री ने यह भी महसूस किया कि देश के कई बुजुर्ग आज भी आधुनिक डिजिटल तकनीकों से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने घर के बड़ों और बुजुर्गों का हाथ थामें और उन्हें इस डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया समझाएं। यदि युवा परिवार के सदस्यों को मार्गदर्शन देंगे, तो देश में डेटा की गुणवत्ता बेहतर होगी। प्रधानमंत्री के अनुसार, युवाओं का यह छोटा सा प्रयास देश के बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक बड़ी ताकत बनकर उभरेगा। इस प्रकार से 1-2 घंटे का समय देकर युवा न केवल अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे बल्कि विकसित भारत के निर्माण में भी सीधे सहभागी बनेंगे।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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