हिमाचल प्रदेश के ऊना में बड़ा हादसा टला, स्वां नदी के तेज बहाव में फंसी पिकअप से ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाले तीन लोग भारत एक महीने पहले 90
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंब उपमंडल में स्वां नदी के उफान में एक पिकअप गाड़ी फंस गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने बहादुरी दिखाते हुए तीन जिंदगियां सुरक्षित बचा लीं।

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से एक बेहद डरावनी तस्वीर सामने आई है, जहां भारी बारिश के कारण उफनती नदी के बीच एक पिकअप गाड़ी फंस गई। यह घटना जिले के अंब उपमंडल के तहत आने वाले स्वां नदी क्षेत्र में घटित हुई। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदी का जलस्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ गया। इस बाढ़ के कारण वहां का अस्थायी मार्ग पानी में डूब गया और वहां से गुजर रही गाड़ी बीच मझधार में फंस गई। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाई और अपनी जान जोखिम में डालकर वाहन में फंसे तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

उफनती लहरों के बीच फंस गया वाहन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पिकअप गाड़ी नंदपुर से कुठेहड़ा की तरफ जाने के लिए स्वां नदी पर बने एक अस्थायी रास्ते का इस्तेमाल कर रही थी। गाड़ी अभी नदी के बीच में ही पहुंची थी कि तभी अचानक ऊपरी इलाकों में हुई तेज बारिश का पानी नदी में आ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही पलों में लहरों ने गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। बहाव के आगे बेबस हुई पिकअप गाड़ी बीच नदी में ही रुक गई और उसमें सवार लोगों की सांसें अटक गईं।

वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रामीणों ने जैसे ही गाड़ी को पानी के बीच फंसा और लोगों को मुश्किल में देखा, वे तुरंत मदद के लिए आगे आए। उफनती नदी की परवाह न करते हुए ग्रामीणों ने सूझबूझ से काम लिया और कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी में फंसे तीनों लोगों को सुरक्षित किनारे पर पहुंचाया। इसके बाद पास के ही एक क्रेशर उद्योग से पोकलेन और जेसीबी मशीन बुलाई गई, जिसकी मदद से उफनते पानी के बीच फंसी पिकअप गाड़ी को भी सुरक्षित बाहर खींच लिया गया।

प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

इस हादसे के टलने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों का कहना है कि घालूबाल से लेकर मुबारिकपुर तक स्वां नदी का लगभग 40 किलोमीटर लंबा हिस्सा आता है, लेकिन इस पूरे दायरे में एक भी पक्का और स्थायी पुल नहीं बनाया गया है।

स्थायी पुल न होने के कारण दर्जनों गांवों के लोगों को अपने रोजमर्रा के कामों के लिए इन्हीं अस्थायी पुलों और कच्चे रास्तों के भरोसे नदी पार करनी पड़ती है। मानसून के मौसम में यह रास्ते बेहद खतरनाक और जानलेवा साबित होते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हर साल बरसात में उन्हें इसी तरह अपनी जान हथेली पर रखकर सफर करना पड़ता है, लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने सरकार से मांग की है कि स्वां नदी पर जल्द से जल्द स्थायी पुलों का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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