बिहार का मौसम 5 अगस्त 2026: अररिया और सुपौल में भारी बारिश का अलर्ट, जानें अपने जिले का हाल बिहार एक घंटा पहले 2
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 5 अगस्त 2026 के लिए बिहार के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। खासकर उत्तर और पूर्वी बिहार के लिए विशेष अलर्ट है, जहां नदियों के जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई गई है।

बिहार में सक्रिय हुआ मानसून

भारत मौसम विज्ञान विभाग के पटना केंद्र द्वारा जारी नवीनतम मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 5 अगस्त 2026 को बिहार के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में मानसून की सक्रियता के चलते झमाझम बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी रुक रुक कर बारिश की गतिविधियों का दौर जारी रहेगा, जिससे उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

इन जिलों के लिए विशेष चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कुछ चुनिंदा जिलों के लिए रेड और येलो अलर्ट जारी किया है। सबसे अधिक चिंता का विषय अररिया और सुपौल जिले हैं, जहां के एक या दो स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। स्थानीय प्रशासन को जलभराव और किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य के निम्नलिखित जिलों में भी भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है:

  • अरवल और औरंगाबाद
  • भोजपुर और गया
  • जहानाबाद और किशनगंज
  • पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण

इन सभी जिलों में रहने वाले नागरिकों को अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। बारिश के साथ ही तेज हवाएं चलने की भी आशंका बनी हुई है।

तेज हवा और वज्रपात का खतरा

बारिश के साथ ही बिहार के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ छींटे पड़ने और वज्रपात यानी बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य के कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। ऐसे प्रतिकूल मौसम के दौरान खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न खड़े हों। सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों के भीतर रहना ही जानमाल की सुरक्षा के लिए सबसे उचित कदम है।

विभिन्न अंचलों का हाल

राज्य के विभिन्न कोनों में मौसम का मिजाज इस प्रकार रहने वाला है:

  • उत्तर-पश्चिम बिहार: पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में अधिकतर जगहों पर बारिश होने की पूरी संभावना है।
  • उत्तर-मध्य बिहार: मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी जैसे जिलों में भी अच्छी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
  • उत्तर-पूर्व बिहार: सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा और सहरसा में अधिकांश स्थानों पर बादल बरसेंगे।
  • दक्षिण बिहार: रोहतास, भभुआ, भोजपुर, बक्सर, अरवल, औरंगाबाद के अलावा पटना, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, गया, लखीसराय, शेखपुरा और बेगूसराय में भी अनेक स्थानों पर बारिश के आसार हैं।
  • दक्षिण-पूर्व बिहार: भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और खगड़िया में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

तापमान और मौसम प्रणालियों का असर

बारिश के चलते प्रदेश के अधिकतम तापमान में 28 से 32 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं न्यूनतम तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि बिहार में मानसून ट्रफ रेखा का प्रभाव बना हुआ है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम बिहार और दक्षिण उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण वायुमंडल में नमी बनी हुई है, जिससे आने वाले कुछ दिनों तक राज्य में वर्षा की गतिविधियां लगातार जारी रहने की उम्मीद है।

आमजन के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

मौसम विभाग ने भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए आम लोगों को कुछ सावधानियां बरतने की अपील की है। जो लोग निचले इलाकों में निवास करते हैं, उन्हें जलभराव और नदियों के जलस्तर में संभावित वृद्धि के प्रति सावधान रहना चाहिए। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें। किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए मौसम विभाग द्वारा समय समय पर जारी की जाने वाली ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखने का परामर्श दिया गया है। वज्रपात के समय मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सुरक्षित उपयोग करें और बाहर निकलने से बचें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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