बिहार
2 घंटे पहले
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बिहार में एक उपहार को लेकर छिड़ी सियासी बहस अब तूल पकड़ती जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के जन्मदिन के मौके पर राबड़ी देवी ने भोजपुरी गायक छोटू छलिया को कंगन भेंट किए थे। यह मामला राजनीतिक रंग ले चुका है और जदयू के विधान पार्षद नीरज कुमार ने इसकी जांच की मांग उठाई है। अब इस पूरे विवाद पर खुद छोटू छलिया का जवाब सामने आ गया है।
'मेरे सामने बैठा दीजिए, उनसे भी गिफ्ट ले लूंगा'
आरा में मीडिया से बातचीत के दौरान छोटू छलिया ने जदयू नेता पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर नीरज कुमार को कंगन की इतनी ही चिंता है तो उन्हें भी उनके सामने बैठा दिया जाए। सिंगर ने कहा, ‘उनको मेरे सामने बैठा दीजिए, गाना सुनाऊंगा और उनसे भी गिफ्ट ले लूंगा।’ उन्होंने दोहराया कि वे नीरज कुमार को भी गाना सुनाने और उनसे भी कोई उपहार लेकर आने को तैयार हैं।
'कंगन किस धातु का है, यह सवाल अहम नहीं'
छोटू छलिया ने साफ कहा कि यह बात मायने नहीं रखती कि कंगन हीरे का है या किसी दूसरी धातु का। उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी की ओर से मिला यह उपहार उनके लिए अनमोल है और इसका कोई मूल्य आंका ही नहीं जा सकता। सिंगर ने बताया कि लालू-राबड़ी परिवार से उन्हें हमेशा स्नेह और सम्मान मिलता रहा है, और यह पहली बार नहीं है जब उन्हें इस परिवार से कोई उपहार मिला हो।
'500 रुपये भी कलाकार के लिए 5000 के बराबर'
छोटू छलिया ने कहा कि एक कलाकार का काम लोगों का मनोरंजन करना है और लोग अपनी खुशी से कलाकारों को सम्मान और उपहार देते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति 500 रुपये भी देता है तो कलाकार उसे 5000 रुपये के बराबर सम्मान मानता है। इसी तरह राबड़ी देवी का दिया कंगन भी उनके लिए सम्मान और स्नेह का प्रतीक है। सिंगर ने यह भी बताया कि यह उपहार उन्होंने अपनी मां को दे दिया है।
जदयू नेता ने ईओयू को लिखा पत्र
उल्लेखनीय है कि लालू यादव के जन्मदिन समारोह में राबड़ी देवी द्वारा छोटू छलिया को कंगन देने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को पत्र लिखकर कंगन की खरीद, उसकी कीमत और भुगतान के स्रोत की जांच की मांग की। लालू यादव पर निशाना साधते हुए की गई इस मांग के बाद ही यह पूरा प्रकरण राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
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