बिहार में फिर गहराया बाढ़ का संकट, गंगा और पुनपुन समेत कई नदियों का बढ़ता जलस्तर बना मुसीबत बिहार एक घंटा पहले 3
बिहार के कई जिलों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंगा, पुनपुन और भुतही जैसी नदियों के उफान से हजारों हेक्टेयर फसलें डूब गई हैं और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

बिहार में बाढ़ का बढ़ता खतरा

बिहार के विभिन्न जिलों में बाढ़ ने भीषण रूप ले लिया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि डूबने की घटनाओं की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। बाढ़ का यह कहर आम लोगों के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं है, जहां जान-माल का नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में गंगा, पुनपुन और भुतही सहित कई अन्य नदियों के जलस्तर में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे राज्य के कई इलाके फिर से जलमग्न हो गए हैं।

पटना के प्रभावित क्षेत्र और स्थिति

बिहार की राजधानी पटना के आस-पास के इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। गंगा, पुनपुन, फल्गु, धोबा, महतमाइन, कररूवा और भुतही नदियों में पानी का स्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। पानी के अत्यधिक बहाव के कारण पटना के फतुहा और दनियावां प्रखंड की कई पंचायतें पूरी तरह बाढ़ प्रभावित हो गई हैं। फतुहा से दनियावां तक जाने वाले NH 30A के दोनों ओर का पूरा इलाका अब पानी में समा चुका है। इससे हजारों हेक्टेयर में लगी किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं और गांवों में बाढ़ का सीधा खतरा मंडरा रहा है।

किन इलाकों में फैला नदियों का पानी

नदियों के जलस्तर में हुई इस बेतहाशा वृद्धि ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है:

  • गंगा नदी: जलस्तर बढ़ने से फतुहा के जेठुली, कच्ची दरगाह, मौजीपुर, समसपुर, बांकीपुर गोरख और मकसूदपुर जैसे इलाके बाढ़ की चपेट में हैं।
  • पुनपुन नदी: इस नदी का पानी देवरसौकी, भगवानपुर, दौलतपुर, मुरादपुर, शुकुलपुर, नारायना, खोखना, सुल्तानपुर, डुमरी और सैदपुर के निचले इलाकों में भर गया है।
  • महतमाइन नदी: इस नदी के उफान से मकसूदपुर, नएका रोड, चकरजा, बांकीपुर मछरियावा, बलवा और शिवचक का तटवर्ती इलाका जलमग्न हो गया है।
  • लोकाइन और भुतही नदी: इन नदियों के बढ़ते स्तर से मसाढ़ी और दौलतपुर पंचायत के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

जनजीवन पर पड़ा असर

बाढ़ की मार झेल रहे ग्रामीणों का जीवन बेहद कठिन हो गया है। खेतों की फसलें पूरी तरह डूब जाने के कारण किसानों की आजीविका पर संकट आ गया है। घरों के भीतर तक पानी घुस जाने के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों की तलाश करनी पड़ रही है। सड़कों पर मवेशियों को रखने के अलावा ग्रामीणों के पास कोई विकल्प नहीं बचा है। चारे की भारी कमी ने पशुपालकों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल है और लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन और राहत बचाव दल इन क्षेत्रों पर निरंतर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन स्थिति अब भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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