जूता कांड के बाद पप्पू यादव को जान से मारने की धमकी, बोले- सुबह से आ चुके हैं 5 कॉल बिहार एक घंटा पहले 2
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद पप्पू यादव पर हुए जूते से हमले का विवाद गहरा गया है। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद ने आरोप लगाया है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और हमलावरों के संबंध बड़े नेताओं से हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हमला और उसके बाद का तनाव

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के साथ दिल्ली में घटी घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। रविवार को जब पप्पू यादव अपने दिल्ली स्थित आवास पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे, तभी अचानक एक युवक ने उन पर जूता फेंक दिया। युवक का आरोप था कि सांसद ने हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया है। हमले के तुरंत बाद वहां मौजूद पप्पू यादव के समर्थकों ने हमलावर युवकों की पिटाई शुरू कर दी। हालांकि, सांसद ने खुद बीच-बचाव करते हुए स्थिति को संभाला और उन युवकों को भीड़ से बाहर निकालकर सुरक्षित पुलिस के हवाले कर दिया। पप्पू यादव का दावा है कि ये युवक सामान्य विरोध करने नहीं आए थे, बल्कि उनकी हत्या की साजिश रची गई थी। उनके अनुसार, हमलावरों में से एक के पास से चाकू बरामद हुआ है, जबकि एक अन्य युवक बंदूक लेकर वहां पहुंचा था जो मौके से भागने में सफल रहा।

लगातार मिल रही जान से मारने की धमकियां

इस अप्रत्याशित हमले के बाद पप्पू यादव ने दावा किया है कि उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार की सुबह से लेकर अब तक उन्हें कुल 5 अलग-अलग धमकियां मिल चुकी हैं। ये कॉल करने वाले लोग खुद को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के सदस्य बता रहे हैं। फोन करने वालों की ओर से उन्हें धमकी दी जा रही है कि यदि वे अपने घर से बाहर कदम रखेंगे, तो उन्हें मार दिया जाएगा। सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि करीब दो दिन पहले कुछ संदिग्ध लोग उनके बच्चों के घर तक भी पहुंच गए थे, जो उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

बड़े नेताओं के साथ हमलावरों के संबंधों का दावा

पप्पू यादव ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन पर हमला करने वाले लोगों के संबंध प्रभावशाली राजनेताओं से हैं। उन्होंने दावा किया कि हमलावरों की तस्वीरें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के साथ देखी जा सकती हैं। सांसद ने आरोप लगाया कि कुछ 'कालनेमी संत' पर्दे के पीछे से उन पर हमला करवा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ नफरत फैलाने के लिए 51 लाख रुपये और 11 लाख रुपये का इनाम तक घोषित किया गया है।

मामले की शिकायत और सांसद का स्पष्टीकरण

अपने बचाव में पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने चंदा चोरी के मुद्दे पर केवल एक प्रतीकात्मक टिप्पणी की थी, जिसे बेवजह बड़ा मुद्दा बनाकर बवाल खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके बयानों को गलत तरीके से पेश किया गया। फिलहाल, सांसद ने इस पूरी घटना और खुद को मिल रही धमकियों की लिखित शिकायत पुलिस प्रशासन और लोकसभा अध्यक्ष से की है। उन्होंने सुरक्षा की गुहार लगाते हुए इस घटना के पीछे की साजिश की गहन जांच की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस प्रशासन के अगले कदमों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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