बिहार की सियासत की यह पुरानी तस्वीर हो रही वायरल, क्या आपने पहचाना लालू यादव के पास बैठे इन दो दिग्गज नेताओं को? बिहार एक महीने पहले 75
सोशल मीडिया पर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की एक पुरानी तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें उनके साथ बिहार और झारखंड के दो कद्दावर नेता बैठे नजर आ रहे हैं।

सोशल मीडिया के अलग-अलग मंचों पर इन दिनों बिहार की राजनीति से जुड़ी एक बेहद पुरानी और दुर्लभ तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। इस ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर की सबसे खास बात यह है कि इसमें लालू यादव अकेले नहीं हैं, बल्कि उनके साथ दो अन्य दिग्गज नेता भी बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। इंटरनेट पर इस तस्वीर के सामने आते ही लोगों के बीच इन दोनों नेताओं की पहचान को लेकर एक दिलचस्प बहस छिड़ गई है। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच यह सवाल तैर रहा है कि आखिर लालू यादव के अगल-बगल बैठे ये दोनों नेता कौन हैं और इनका भारतीय राजनीति में क्या योगदान रहा है।

तस्वीर में दिख रहे दोनों कद्दावर नेताओं की पहचान

अगर आप बिहार और झारखंड के राजनीतिक इतिहास को करीब से जानते हैं, तो आपके लिए इन चेहरों को पहचानना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं होगा। इस वायरल तस्वीर में लालू प्रसाद यादव के दाहिनी तरफ बैठे नेता की पहचान राष्ट्रीय जनता दल के बेहद वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी के रूप में की गई है। वहीं, लालू यादव के दूसरी तरफ यानी बाईं ओर बैठे नेता कोई और नहीं, बल्कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता सूरज मंडल हैं। इन दोनों नेताओं ने अपने-अपने समय में क्षेत्रीय राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को लेकर लोग लगातार कमेंट कर रहे हैं और अपनी राजनीतिक समझ का परिचय देते हुए इन दोनों नेताओं के नाम लिख रहे हैं।

बिहार-झारखंड बंटवारे और आंदोलन के दौर की यादें

यह वायरल तस्वीर केवल एक साधारण फोटो नहीं है, बल्कि यह उस दौर की याद दिलाती है जब बिहार की राजनीति में एक नए राज्य का मुद्दा सबसे ऊपर था। यह वह समय था जब अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर आंदोलन अपने चरम पर था। उस समय झारखंड आंदोलन को धार देने में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की भूमिका सबसे प्रमुख थी। सूरज मंडल उस समय झामुमो के सबसे प्रभावशाली और मुखर नेताओं में से एक माने जाते थे। आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने और राजनीतिक रूप से इसे मजबूत करने में सूरज मंडल का बड़ा योगदान रहा है। ऐसे में इस तस्वीर का ऐतिहासिक महत्व काफी बढ़ जाता है क्योंकि यह उस समय के आपसी तालमेल और राजनीतिक समीकरणों को दर्शाती है।

दूसरी तरफ, लालू प्रसाद यादव के दाहिनी ओर बैठे अब्दुल बारी सिद्दीकी राष्ट्रीय जनता दल के सबसे पुराने और भरोसेमंद सिपाहियों में से एक रहे हैं। राजद के गठन से लेकर अब तक, उन्होंने हर उतार-चढ़ाव में लालू प्रसाद यादव का साथ दिया है। बिहार की राजनीति में अब्दुल बारी सिद्दीकी को राजद का सबसे प्रमुख मुस्लिम चेहरा माना जाता रहा है। उन्होंने बिहार सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों और विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली है। लालू यादव के साथ उनकी यह तस्वीर उनके पुराने संबंधों की गहराई को बयां करती है।

सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाजार गर्म

इस तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्लेटफॉर्म पर लोग तरह-तरह के दावे और राजनीतिक कयास लगा रहे हैं। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह तस्वीर बिहार और झारखंड के उस ऐतिहासिक राजनीतिक कालखंड की गवाह है जिसने आने वाले समय में दोनों राज्यों की तकदीर और तस्वीर बदल दी। लोग इस तस्वीर को शेयर कर पुरानी यादें ताजा कर रहे हैं और नई पीढ़ी के लोगों को उस दौर के नेताओं के बारे में बता रहे हैं। क्या आपने भी इस तस्वीर को पहली नजर में देखते ही दोनों नेताओं को पहचान लिया था? यदि हां, तो आप भी कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा कर सकते हैं और बता सकते हैं कि इस तस्वीर को लेकर आपकी क्या यादें हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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