'रसूख की गोली' के शोर में दबी एक 'मूक चीख', आखिर कौन थीं डॉ. अर्चना गुप्ता जिनके मामले में विधायक राजू सिंह को होगी सजा? बिहार एक महीने पहले 21
बिहार के मुजफ्फरपुर की साहेबगंज सीट से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को 2018 के हर्ष फायरिंग मामले में गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया जा चुका है, और राउज एवेन्यू कोर्ट आज सजा का ऐलान करेगी। दो साल या उससे ज्यादा की कैद होने पर उनकी विधानसभा सदस्यता भी रद्द हो सकती है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में आज वह दिन है, जब बिहार के मुजफ्फरपुर की साहेबगंज सीट से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह की किस्मत का फैसला सुनाया जाना है। अदालत 2018 के चर्चित हर्ष फायरिंग प्रकरण में उन्हें गैर-इरादतन हत्या (धारा 304 पार्ट-2) और आर्म्स एक्ट के तहत पहले ही दोषी करार दे चुकी है और इसी आधार पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है।

आज तय होगी सजा की अवधि

अदालत आज यह निर्धारित करेगी कि दोषी विधायक को कितने साल की कैद काटनी होगी। कानूनी प्रावधानों के मुताबिक, अगर उन्हें दो साल या उससे अधिक की सजा सुनाई जाती है तो उनकी विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो जाएगी। यही वजह है कि इस मामले में सजा की अवधि पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

कानूनी जंग के पीछे की दर्दभरी कहानी

इस पूरे कानूनी दांवपेच और रसूख की लड़ाई के पीछे एक ऐसी पीड़ादायक दास्तान छिपी हुई है, जिसने कभी हंसते-खेलते एक भरे-पूरे परिवार को उम्रभर का जख्म दे दिया। एक गोली की गूंज में दबकर रह गई इस 'मूक चीख' के केंद्र में थीं डॉ. अर्चना गुप्ता, जिनके मामले ने न्याय की इस लंबी प्रक्रिया को जन्म दिया।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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