बिहार सरकार का बड़ा कदम: पेश किया 87,383 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट, पेंशन, सड़क और पटना मेट्रो पर विशेष ध्यान बिहार 17 घंटे पहले 4
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 87,383 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया है। इस बजट में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, आधारभूत ढांचे और बिजली सब्सिडी पर विशेष ध्यान दिया गया है।

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही राज्य सरकार ने जनता के लिए अपना खजाना खोल दिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के इस पहले अनुपूरक बजट में सरकार ने सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित किया है। वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने सदन में कुल 87,383.43 करोड़ रुपये का भारी-भरकम अनुपूरक बजट प्रस्ताव पेश किया। इस बजट के माध्यम से सरकार ने यह साफ संकेत दिया है कि विकास की रफ्तार को तेज करना और समाज के गरीब व जरूरतमंद तबके को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना उसकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है।

बजट का वित्तीय वर्गीकरण और रूपरेखा

संविधान के अनुच्छेद-205 के तहत सदन के पटल पर रखे गए इस अनुपूरक बजट को तीन मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। इसमें विकास कार्यों की गति बढ़ाने के लिए विभिन्न वार्षिक योजनाओं के मद में 57,077.96 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने और पुरानी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय के मद में 30,265.99 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं, केंद्रीय क्षेत्र की विशिष्ट योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए 39.48 करोड़ रुपये का बजटीय प्रस्ताव रखा गया है।

केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के लिए बड़ा आवंटन

केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में चलने वाली कल्याणकारी और विकास योजनाओं को गति देने के लिए इस अनुपूरक बजट में पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की गई है। इसके तहत विभिन्न प्रमुख योजनाओं के लिए आवंटित राशि इस प्रकार है:

  • विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन: युवाओं और कामगारों के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने हेतु इस योजना को सबसे अधिक 9,335.35 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
  • मनरेगा: ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका और रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 3,342.12 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन: बुजुर्ग नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा और सहायता के लिए 3,308.69 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
  • सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0: बच्चों और माताओं के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए 2,780.94 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  • सर्व शिक्षा अभियान: राज्य में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 2,732 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
  • अमृत 2.0: शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति और बुनियादी ढांचे के विकास हेतु 2,100.11 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
  • पीएम पोषण (मिड-डे मील): सरकारी स्कूलों के बच्चों को दोपहर का भोजन उपलब्ध कराने की इस योजना के लिए 1,359.72 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
  • आयुष्मान भारत: गरीबों को बेहतर और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से इस योजना के लिए 1,150 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना: ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के जाल को मजबूत करने के लिए 680 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है।

राज्य सरकार की अपनी योजनाओं पर विशेष खर्च

बिहार सरकार ने अपने स्तर पर चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं, सड़क निर्माण और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी अपने संसाधनों से भारी धनराशि आवंटित की है:

  • मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना: राज्य के वृद्धजनों को आर्थिक संबल प्रदान करने वाली इस अत्यंत महत्वपूर्ण योजना के लिए सबसे अधिक 6,710.93 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • बड़ी सड़क एवं पुल परियोजनाएं: राज्य में सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सड़क और पुलों के निर्माण हेतु 3,665 करोड़ रुपये की भारी राशि आवंटित की गई है।
  • दिव्यांग सामाजिक सुरक्षा पेंशन: विशेष रूप से सक्षम नागरिकों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 1,147.84 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
  • लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन: महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए 1,056.44 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान है।
  • पटना मेट्रो: राजधानी पटना की इस अति-महत्वाकांक्षी मेट्रो परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए सरकार ने 952 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
  • पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति: पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं की शिक्षा और सहायता के लिए 940 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल निर्माण: स्वास्थ्य क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण और चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के निर्माण हेतु 927 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  • मुख्यमंत्री ग्राम सड़क उन्नयन योजना: ग्रामीण सड़कों को बेहतर और पक्का बनाने के लिए 850.15 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी: राज्य की अपनी बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और सुदृढ़ करने के लिए 700 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
  • मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना: गांवों को मुख्य सड़क संपर्क से जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण योजना के लिए 649.85 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  • स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना: राज्य के युवाओं को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए वित्तीय ऋण सहायता प्रदान करने हेतु 500 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

बिजली सब्सिडी, वेतन और आकस्मिक निधि के लिए विशेष आवंटन

सरकार ने रोजमर्रा के प्रशासनिक संचालन, कर्मचारियों के समय पर वेतन भुगतान और आम जनता को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी को सुचारू रखने के लिए भी बड़ी राशि का प्रस्ताव किया है:

  • आकस्मिकता निधि: किसी भी अप्रत्याशित या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आकस्मिकता निधि में स्थानांतरण हेतु 13,550 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
  • मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना: राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को सीधे राहत देने के लिए बिजली सब्सिडी के रूप में 9,994.34 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया गया है।
  • 16वां वित्त आयोग भुगतान: पंचायती राज संस्थाओं को विकास कार्यों के लिए 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत 2,658.16 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।
  • वेतन भुगतान: विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन भुगतान को सुनिश्चित करने के लिए 2,423.47 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय क्षेत्र की विशिष्ट योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए भी बजटीय प्रस्ताव रखे गए हैं। इसके तहत वर्ष 2021 की जनगणना से जुड़े आवश्यक कार्यों के लिए 36.55 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। राज्य के उपभोक्ता फोरमों को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए 2.30 करोड़ रुपये दिए गए हैं। साथ ही, डिजिटल अपराधों की गंभीरता को देखते हुए महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ होने वाले साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए 44 लाख रुपये की विशेष बजटीय राशि प्रस्तावित की गई है।

बजट का मुख्य संदेश

बिहार सरकार द्वारा पेश किया गया यह अनुपूरक बजट स्पष्ट रूप से राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक संतुलित प्रयास दिखता है। सरकार ने एक ओर जहां पटना मेट्रो, मेडिकल कॉलेजों और वृहद सड़क परियोजनाओं के जरिए बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर बल दिया है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन, बिजली सब्सिडी और विभिन्न छात्रवृत्तियों के जरिए सीधे तौर पर समाज के गरीब और संवेदनशील वर्गों को बड़ी आर्थिक राहत पहुंचाने का काम किया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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