बिहार
17 घंटे पहले
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बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनता दल ने डॉ. सुनील कुमार सिंह को एक बार फिर अपना उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया है। इस फैसले ने राजनीतिक हलकों में सबको चौंका दिया और इसी के साथ पार्टी की रणनीति को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सिर्फ एक टिकट से कहीं बड़ा फैसला
यह निर्णय महज किसी एक नेता को सदन तक पहुंचाने का मामला नहीं है। इसके पीछे एक गहरी सियासी सोच काम कर रही है, जिसका असर पार्टी के भीतर भी और बाहर भी साफ नजर आने वाला है। एक ही फैसले के जरिए राजद ने अपने भविष्य और नेतृत्व की दिशा को लेकर कई अहम इशारे कर दिए हैं।
फैसलों का केंद्र कहां, छिड़ी नई बहस
इस घोषणा ने पहली बार इतने खुले तौर पर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर राजद में राजनीतिक फैसले लेने का असली केंद्र कहां है। पार्टी के अंदर इस मुद्दे पर अब उतनी ही स्पष्टता से चर्चा हो रही है, जितनी पहले कभी नहीं देखी गई।
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