बिहार
16 घंटे पहले
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विचारों
बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए प्रत्याशियों द्वारा नामांकन के समय दाखिल किए गए आधिकारिक शपथपत्रों ने उनकी आर्थिक हैसियत, व्यक्तिगत रुचियों और निजी जीवन से जुड़े कई अहम पहलुओं को सामने ला दिया है। इस बार चुनावी मैदान में एनडीए और महागठबंधन की ओर से कुल 10 उम्मीदवार उतरे हैं, जिनमें भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह और राष्ट्रीय जनता दल के डॉ. सुनील कुमार सिंह को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।
हलफनामों से साफ है कि इन प्रत्याशियों में कोई करोड़ों की चल-अचल संपत्ति का स्वामी है तो कोई सीमित संसाधनों और विरासत में मिली जमीन के दम पर राजनीति में सक्रिय है। इन दस्तावेजों में नकदी, बैंक जमा, वाहन, आभूषण, जमीन-जायदाद से लेकर लंबित मुकदमों तक का ब्योरा दर्ज है।
पवन सिंह: 20 करोड़ की संपत्ति, मगर नकद सिर्फ 50 हजार
भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रत्याशी बनाए गए भोजपुरी फिल्मों के ‘पावर स्टार’ पवन सिंह की कुल संपत्ति ने सबको हैरान कर दिया है। हलफनामे के मुताबिक उनके पास नकद के रूप में महज 50 हजार रुपये हैं, जबकि उनकी कुल चल और अचल संपत्ति करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा उनके पास लगभग 70 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण भी मौजूद हैं।
उनके शपथपत्र से एक दिलचस्प बात भी सामने आई है। पत्नी ज्योति सिंह से जुड़े सभी कॉलमों में उन्होंने ‘पता नहीं’ (Not Known) लिखा है। शैक्षणिक योग्यता के मामले में उन्होंने स्वयं को मैट्रिकुलेशन (10वीं/12वीं) पास बताया है, और उन पर कोई गंभीर आपराधिक दोषसिद्धि दर्ज नहीं है।
डॉ. सुनील कुमार सिंह: संपत्ति के साथ हथियारों का शौक
महागठबंधन की ओर से राजद के टिकट पर मैदान में उतरे बिस्कोमान अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार सिंह अपनी संपत्ति के साथ-साथ अपनी खास रुचि के कारण भी सुर्खियों में हैं। उनके हलफनामे के अनुसार उनके पास एक डीबीबीएल गन और एक रिवॉल्वर है। उनकी कुल चल संपत्ति 6.46 करोड़ रुपये है, जबकि अचल संपत्ति का मूल्य करीब 4.41 करोड़ रुपये बताया गया है। वाहनों में उनके पास मारुति एस्टीम और हुंडई ब्रांड की कारें हैं।
शिक्षा के लिहाज से डॉ. सुनील सिंह काफी उच्च शिक्षित हैं और उनके पास पीएचडी की उपाधि है। राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े सामान्य मुकदमों को छोड़ दिया जाए तो उनके विरुद्ध कोई गंभीर आपराधिक मामला लंबित नहीं है।
निशांत: 4.63 करोड़ की कुल संपत्ति
उम्मीदवार निशांत ने अपनी कुल संपत्ति लगभग 4.63 करोड़ रुपये घोषित की है। इसमें 1.96 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 2.67 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। उनके पास हुंडई और किया कंपनी की कारें हैं। अचल संपत्ति में से 1.06 करोड़ रुपये की संपत्ति को स्वयं अर्जित और 1.61 करोड़ रुपये की संपत्ति को विरासत में मिली बताया गया है। शपथपत्र के अनुसार उनके पास नालंदा के कल्याणबीघा तथा पटना में जमीन और फ्लैट हैं।
एनडीए के अन्य प्रत्याशियों का लेखा-जोखा
बीजेपी के अन्य उम्मीदवारों में डॉ. संजय मयूख लगातार तीसरी बार परिषद की दहलीज पर हैं। उच्च शिक्षित संजय मयूख का रिकॉर्ड पूरी तरह साफ-सुथरा है। जमीनी कार्यकर्ताओं को तरजीह देते हुए बीजेपी ने नाई समाज से आने वाले स्नातक अनिल कुमार ठाकुर और कुम्हार समाज की साक्षर शीला पंडित को भी उम्मीदवार बनाया है, इन दोनों पर कोई आपराधिक मामला नहीं है।
वहीं जेडीयू ने महिला और अत्यंत पिछड़ा वर्ग को साधते हुए स्नातक पास भारती मेहता तथा साक्षर शिवरानी देवी प्रजापति को सदन भेजा है। इनके अतिरिक्त शेखपुरा के वरिष्ठ नेता ललन प्रसाद भी जेडीयू की ओर से निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।
भारती मेहता: 19 हजार नकद, पर 52 लाख की एफडी
उम्मीदवार भारती मेहता ने अपने शपथपत्र में बताया है कि उनके पास केवल 19 हजार रुपये नकद हैं, हालांकि 52 लाख रुपये का फिक्स्ड डिपॉजिट उनके नाम है। उनके पास एक इनोवा कार दर्ज है, साथ ही आवासीय और कृषि योग्य भूमि भी है।
आभूषणों के मामले में उनके पास 620 ग्राम सोना और 750 ग्राम चांदी है, इसके अलावा 1.20 लाख रुपये का डिजिटल गोल्ड भी है। उन्होंने 4.60 लाख रुपये मूल्य के हीरे तथा करीब दो लाख रुपये मूल्य के नीलम और पुखराज जैसे रत्न होने की जानकारी भी दी है।
ललन प्रसाद: सिर्फ एक बाइक और विरासत की जमीन
ललन प्रसाद की संपत्ति बाकी प्रत्याशियों के मुकाबले काफी कम है। वाहन के रूप में उनके पास सिर्फ एक बाइक है, जिसे उन्होंने वर्ष 2007 में खरीदा था; इसके अलावा उनके पास कोई अन्य वाहन नहीं है। शपथपत्र के अनुसार उनके दो बचत खाते हैं—एक में 2.14 लाख रुपये जमा हैं, जबकि दूसरे में कोई राशि नहीं है।
उनकी कुल चल संपत्ति 5.60 लाख रुपये है, जबकि 14.90 लाख रुपये की अचल संपत्ति विरासत में मिली कृषि भूमि के रूप में दर्ज है। उनके पास करीब एक लाख रुपये मूल्य के आभूषण हैं, जिनमें सोने की एक अंगूठी भी शामिल है।
सभी 10 उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत तय
लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (LJP-RV) की ओर से चिराग पासवान के करीबी और स्नातक पास अशरफ अंसारी ने नामांकन किया है, जिन पर कोई गंभीर मुकदमा नहीं है। इस बार बिहार विधान परिषद की 9 सामान्य और 1 उपचुनाव सीट को मिलाकर कुल 10 सीटों के लिए सिर्फ 10 ही नामांकन प्राप्त हुए हैं।
सीटों की संख्या के बराबर ही प्रत्याशी होने के कारण यह तय हो गया है कि सभी उम्मीदवार निर्विरोध जीत दर्ज कर चुके हैं। किसी भी प्रत्याशी के बीच आमने-सामने का मुकाबला न होने से मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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