बिहार में आज 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट, 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा; जानें क्यों थमी मानसून की चाल बिहार एक महीने पहले 54
पटना और चंपारण-पूर्णिया समेत राज्य के 26 जिलों में बुधवार को बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। समय से पहले पहुंचने के बावजूद मानसून की धीमी रफ्तार ने लोगों को भारी बारिश के लिए तरसा दिया है।

बिहार में इस बार मानसून ने भले ही रिकॉर्ड समय से पहले दस्तक दे दी हो, लेकिन अच्छी बारिश के लिए लोगों का इंतजार अब भी जारी है। आमतौर पर जून के दूसरे पखवाड़े में आने वाला मानसून इस साल पिछले 15 वर्षों में सबसे जल्दी, यानी 11 जून को ही राज्य में पहुंच गया था। समय से पहले मानसून की आहट से किसानों और आम लोगों के चेहरे खिल उठे थे, पर अब हालत यह है कि कई जिलों में सामान्य बारिश तक नहीं हो पा रही। नतीजतन लोग इस वक्त भीषण उमस और चिपचिपी गर्मी से परेशान हैं।

आज 26 जिलों के लिए यलो अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को बिहार के 26 जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ वज्रपात और हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

जिन जिलों को अलर्ट के दायरे में रखा गया है, उनमें पटना के आस-पास के क्षेत्रों के साथ-साथ पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद और अरवल शामिल हैं।

आखिर क्यों सुस्त पड़ा मानसून?

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून ने बिहार की सीमा में प्रवेश तो कर लिया है, लेकिन इसके आगे बढ़ने की रफ्तार फिलहाल बेहद धीमी हो गई है। इसकी मुख्य वजह यह है कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र इस समय काफी कमजोर पड़ चुका है। जब तक वहां से मजबूत मानसूनी हवाएं आगे नहीं बढ़ेंगी, तब तक भारी बारिश के अनुकूल परिस्थितियां नहीं बन सकेंगी। यही कारण है कि राज्य में सिर्फ कुछ जगहों पर छिटपुट या खंड-वर्षा हो रही है और पूरा मानसूनी तंत्र ठहरा-सा नजर आ रहा है।

राजधानी पटना का हाल

राजधानी पटना की बात करें तो बुधवार को यहां आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। शहर के कुछ चुनिंदा इलाकों में हल्की बूंदाबांदी या बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि दिन के समय गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद बहुत कम है। व्यापक बारिश न होने के कारण जमीन और वातावरण का तापमान नीचे नहीं उतर पा रहा, जिससे बादलों की आवाजाही और हवा में मौजूद भारी नमी के चलते उमस और बढ़ने के आसार हैं।

कुल मिलाकर, बिहार के लोगों को भीषण गर्मी से असली राहत तभी मिलेगी जब मानसूनी तंत्र पूरी तरह सक्रिय होगा। तब तक झमाझम बारिश के लिए लोगों को थोड़ा और इंतजार करना होगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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