बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे: प्रशांत किशोर की जीत के बाद वीणा मानवी ने बीजेपी दफ्तर को फोन कर मांगे लड्डू, वीडियो वायरल बिहार एक घंटा पहले 2
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की शानदार जीत के बाद सोशल मीडिया पर एक फोन कॉल की रिकॉर्डिंग चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसमें जनशक्ति जनता दल की वीणा मानवी बीजेपी दफ्तर से लड्डू मांगती नजर आ रही हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ लड्डू का किस्सा

बिहार की राजनीति में चुनाव परिणाम हमेशा ही दिलचस्प चर्चाएं लेकर आते हैं, लेकिन इस बार बांकीपुर उपचुनाव के बाद जो हुआ, उसने सबको हैरान और हंसने पर मजबूर कर दिया है। प्रशांत किशोर यानी पीके की जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी के दफ्तर में सन्नाटा पसरा हुआ था, इसी दौरान एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने सोशल मीडिया का तापमान बढ़ा दिया है। जनशक्ति जनता दल की ओर से प्रत्याशी रहीं वीणा मानवी ने बीजेपी कार्यालय में फोन करके ऐसे लड्डू की मांग की, जो वहां जश्न मनाने के लिए तैयार किए गए थे। यह बातचीत अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है।

बांकीपुर में प्रशांत किशोर का ऐतिहासिक प्रदर्शन

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे भारतीय जनता पार्टी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं रहे। प्रशांत किशोर ने यहाँ से ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए बीजेपी के अभेद्य किले को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रशांत किशोर ने कुल 64,151 वोट हासिल किए। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के नीरज कुमार को 19,324 मतों के भारी अंतर से करारी शिकस्त दी। इस अप्रत्याशित जीत ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है और भाजपा कार्यालय में उदासी का माहौल है।

बीजेपी दफ्तर में वीणा मानवी की अनोखी कॉल

जैसे ही हार की खबर पक्की हुई, भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट गया और दफ्तर में जश्न के लिए बनाए गए लड्डू बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गए। ठीक उसी समय, जनशक्ति जनता दल की वीणा मानवी ने मौके का फायदा उठाते हुए बीजेपी ऑफिस में फोन घुमाया। फोन पर हुई बातचीत में न केवल तंज था, बल्कि एक अनोखा अंदाज भी नजर आया। उन्होंने दफ्तर में मौजूद कार्यकर्ता से लड्डू भिजवाने की अपील की ताकि उन्हें गरीबों में बांटा जा सके। उन्होंने तर्क दिया कि लड्डू बर्बाद होने से बेहतर है कि उसे गरीबों के बीच बांट दिया जाए, जिससे उनके पैसे भी बच जाएंगे।

फोन पर हुई दिलचस्प बातचीत का अंश

वायरल हो रही कॉल रिकॉर्डिंग में वीणा मानवी और बीजेपी कार्यकर्ता के बीच की बातचीत कुछ इस तरह रही:

  • वीणा मानवी ने अभिवादन के बाद पूछा कि क्या बीजेपी दफ्तर में सब ठीक है।
  • कार्यकर्ता ने उदास स्वर में कहा कि सब कुछ गड़बड़ हो गया है और वह दफ्तर से निकलने की तैयारी में है।
  • मानवी ने तपाक से कहा कि लड्डू बर्बाद हो जाएंगे, इसलिए उन्हें गरीबों में बांटने के लिए भिजवा दिया जाए।
  • कार्यकर्ता ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि सुबह से ही भारी मात्रा में लड्डू बनवाए गए थे, अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि इनका क्या करें।
  • मानवी ने चुटकी लेते हुए कहा कि शाम को थोड़ा अंधेरा होने पर लड़के को लड्डू लेने भेज देंगी, ताकि ताजे लड्डू बासी न हो जाएं।
  • अंत में, जब कार्यकर्ता ने पार्टी की छवि की बात की, तो मानवी ने हंसते हुए कहा कि क्या उन्हें अभी भी लगता है कि उनकी छवि बची है।

इस पूरी बातचीत के दौरान वीणा मानवी ने न केवल तंज कसा, बल्कि हार की हताशा को हास्य का विषय बना दिया। कार्यकर्ता भी उनकी बातों का उत्तर देते हुए बेहद निराश और असहाय महसूस कर रहे थे।

सोशल मीडिया पर मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़

यह कॉल रिकॉर्डिंग सामने आते ही इंटरनेट पर मीम्स की बाढ़ आ गई है। यूजर्स का कहना है कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन देसी घी के लड्डू बर्बाद नहीं होने चाहिए। कई लोग बीजेपी कार्यकर्ता की मासूमियत पर दया जता रहे हैं और वीणा मानवी के इस 'लड्डू रेस्क्यू ऑपरेशन' की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर भले ही राजनीतिक विजेता रहे हों, लेकिन सोशल मीडिया के दिल में यह 'लड्डू कॉल' सबसे बड़ा विजेता बनकर उभरा है।

कौन हैं वीणा मानवी?

वीणा मानवी महिला विकास मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता के लिए जानी जाती हैं। फेसबुक पर उनके करीब 5 लाख फॉलोअर्स हैं। उनका यह वायरल वीडियो अब तक 4 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इसे 20 हजार से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं। गौरतलब है कि बांकीपुर उपचुनाव में वीणा मानवी ने तेज प्रताप यादव की जनशक्ति जनता दल से पर्चा भरा था, लेकिन तकनीकी कारणों से उनका नामांकन रद्द कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने और उनकी पूरी टीम ने प्रशांत किशोर का समर्थन करने का निर्णय लिया था। यह घटना अब आगामी समय तक बिहार की चर्चाओं का केंद्र बनी रहेगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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