हरियाणा
12 घंटे पहले
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पंचकूला में देर रात पुलिस और अपराधियों में भिड़ंत
हरियाणा के पंचकूला में उस समय अफरातफरी मच गई जब पुलिस और बदमाशों के बीच आमना-सामना हो गया। यह घटना सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवी लाल स्टेडियम के नजदीक हुई। आधी रात के सन्नाटे को चीरती हुई गोलियों की आवाज़ से पूरा इलाका दहल गया। इस दौरान पुलिस ने न केवल बदमाशों को काबू किया बल्कि जवाबी कार्रवाई में उन्हें घायल भी कर दिया। डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया।
नाकाबंदी के दौरान हुआ मुकाबला
घटना की शुरुआत तब हुई जब पुलिस टीम सेक्टर-3 के पास नाकाबंदी करके वाहनों की जांच कर रही थी। उसी समय वहां से एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल गुजरी जिस पर नंबर प्लेट नहीं थी। पुलिस को देखते ही बाइक पर सवार दोनों युवकों ने वहां से भागने की कोशिश की। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो उन्होंने अपनी जान बचाने के बजाय पुलिस टीम पर ही फायरिंग शुरू कर दी। आरोप है कि बदमाशों ने पुलिस को मारने के इरादे से कुल 5 गोलियां चलाईं। एफआईआर के अनुसार, हमलावरों की एक गोली सब-इंस्पेक्टर (PSI) की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जो एक बड़ी अनहोनी होने से बच गई। इसके अलावा एक और गोली असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) सुनील कुमार के कान के बिल्कुल पास से होकर गुजरी।
पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हुए आरोपी
पुलिस ने आत्मरक्षा में और अपराधियों को रोकने के लिए जवाबी फायरिंग की। इस फायरिंग में दोनों बदमाश घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बाएं पैर में गोलियां लगीं और वे जमीन पर गिर गए। इन घायलों की पहचान अर्शदीप सिंह और जुगराज सिंह के रूप में हुई है, जो पंजाब के अमृतसर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। घायलों को तुरंत उपचार के लिए सेक्टर-6 के सरकारी अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
गैंगस्टरों के साथ कनेक्शन की जांच
पुलिस का दावा है कि ये दोनों युवक लॉरेंस बिश्नोई और आरजू बिश्नोई गैंग से जुड़े हुए हैं। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि वे मोहाली, पंचकूला और चंडीगढ़ (ट्राइसिटी) में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। वे किसी खास लक्ष्य को निशाना बनाने आए थे, लेकिन पुलिस की तत्परता से उनकी योजना नाकाम हो गई। घटनास्थल से पुलिस ने 2 पिस्टल भी बरामद की हैं।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
सेक्टर-20 पुलिस थाने में इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने इन दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25(6) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाने में लगी है। अब पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इन आरोपियों के पास हथियार कहां से आए, वे किसके इशारे पर काम कर रहे थे और ट्राइसिटी में उनका असली मकसद क्या था। फिलहाल पुलिस उनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है ताकि नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
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