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3 घंटे पहले
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याचिका में 14 तकनीकी खामियां
सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं द्वारा दाखिल की गई याचिका को बड़ा झटका लगा है। अदालत की रजिस्ट्री ने याचिका की जांच के दौरान कुल 14 तकनीकी खामियां निकाली हैं। इन कमियों के चलते याचिका फिलहाल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सकेगी। इसी कारण मंगलवार को इस महत्वपूर्ण मामले पर कोई सुनवाई नहीं होगी और न ही याचिका की मेंशनिंग हो पाएगी।
याचिका में दिखीं ये गंभीर चूक
जानकारी के अनुसार, याचिका में कई ऐसी कमियां हैं जिन्हें सुधारे बिना आगे बढ़ना संभव नहीं है। मुख्य खामियों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- याचिका में प्रतिवादियों के नामों का उल्लेख गलत तरीके से किया गया है।
- निजी पक्षकारों को प्रतिवादी बनाने के संबंध में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
- याचिका के साथ पुराने फैसले की प्रति संलग्न नहीं की गई है।
- राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को छोड़कर शेष 9 लोगों की तरफ से वकालतनामा जमा नहीं किया गया है।
- मल्लिकार्जुन खरगे के पहचान पत्र की प्रति स्पष्ट नहीं है और काफी धुंधली है।
- याचिका के लिए निर्धारित 220 रुपये की कोर्ट फीस पूरी जमा नहीं की गई है।
- दस्तावेजों की प्रिंटिंग और प्रस्तुतीकरण में भी कई कमियां पाई गई हैं।
विपक्ष का मार्च और याचिका की पृष्ठभूमि
यह घटनाक्रम तब हुआ है जब सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के अन्य प्रमुख नेताओं ने दिल्ली में 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' निकाला था। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत जानबूझकर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं।
कांग्रेस की कानूनी टीम ने सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की थी। इस याचिका में कुल 11 याचिकाकर्ता शामिल हैं। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा इसमें सौगत राय (TMC), अखिलेश यादव (SP), तेजस्वी प्रसाद यादव (RJD), संजय राउत (Shiv Sena-UBT), एम.ए. बेबी (CPI-M), डी. राजा (CPI), महुआ माजी (JMM), सुप्रिया सुले (NCP-SP) और ई.टी. मोहम्मद बशीर (IUML) के नाम दर्ज हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस याचिका में आम आदमी पार्टी के किसी भी प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया गया है। याचिका में इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के साथ-साथ ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू को प्रतिवादी बनाया गया है।
आगे की प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रजिस्ट्री को इस मामले में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था। अदालत ने स्पष्ट किया था कि याचिका में मौजूद तकनीकी खामियों को दूर किया जाए ताकि इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सके। फिलहाल, कांग्रेस की कानूनी टीम इन 14 कमियों को दूर करने की प्रक्रिया में जुटी है। जब तक ये त्रुटियां पूरी तरह ठीक नहीं हो जातीं, तब तक मामले की सुनवाई आगे नहीं बढ़ पाएगी।
विपक्ष ने अपनी याचिका के माध्यम से मांग की है कि मौजूदा SIR प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए। इसके साथ ही, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की भी मांग की गई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कानूनी टीम इन खामियों को कितनी जल्दी दूर करती है और अदालत इस मामले पर कब संज्ञान लेती है।
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