झारखंड में खौफनाक अंधविश्वास, झोले में नवजात और पूजा का सामान लेकर बलि देने पहुंचीं महिलाएं झारखंड एक घंटा पहले 6
झारखंड के पलामू जिले में अंधविश्वास का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां कुछ महिलाएं नवजात बच्ची की बलि देने की फिराक में थीं। ग्रामीणों की सतर्कता ने मासूम और उसकी मां की जान बचा ली।

पलामू में अंधविश्वास की रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना

झारखंड के पलामू जिले से एक अत्यंत डरावनी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां अंधविश्वास के चलते एक नवजात बच्ची की जान लेने की साजिश रची गई। यह पूरा मामला छतरपुर थाना क्षेत्र के मनहू गांव का है, जहां स्थित देवी मंदिर के समीप कुछ महिलाओं ने बच्ची की बलि देने की तैयारी कर रखी थी। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और लोग इस बात से सहमे हुए हैं कि आज के दौर में भी ऐसी कुप्रथाएं जीवित हैं।

क्या है पूरा मामला

यह घटना शुक्रवार की रात लगभग 9:30 बजे की है। मदया भलही गांव की निवासी 40 वर्षीय अंजू देवी एक नवजात बच्ची को प्लास्टिक के झोले में भरकर मंदिर के पास स्थित धान के खेत में पहुंची थी। उसके साथ दो अन्य महिलाएं भी मौजूद थीं। चौंकाने वाली बात यह है कि वहां पूजा-पाठ की तैयारी भी की गई थी। मौके पर ग्रामीणों को चूड़ी, सिंदूर और तंत्र-मंत्र से जुड़े अन्य पूजा सामग्री के सामान मिले हैं, जिससे साफ होता है कि वे किसी गहरी साजिश या बलि जैसी घटना को अंजाम देने वाली थीं।

ग्रामीणों की सूझबूझ से बची जान

उसी समय, पास के ही खेतों में मछली पकड़ रहे कुछ ग्रामीणों की नजर इन महिलाओं पर पड़ी। उनकी अजीबोगरीब हरकतों को देखकर ग्रामीणों को संदेह हुआ और वे तुरंत मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों को अपनी तरफ आता देख उन महिलाओं में हड़कंप मच गया। दो महिलाएं तो वहां से भागने में सफल रहीं, लेकिन मुख्य आरोपी अंजू देवी को ग्रामीणों ने दबोच लिया। मुखिया प्रतिनिधि जहीर अंसारी ने फौरन मौके पर पहुंचकर मानवता का परिचय दिया। उन्होंने नवजात बच्ची को अपने कपड़ों में लपेटा और आनन-फानन में उसे और उसकी मां को छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया।

परिवार को नहीं थी गर्भावस्था की जानकारी

इस पूरे प्रकरण का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि आरोपी महिला के परिवार के किसी भी सदस्य को उसके गर्भवती होने या बच्ची के जन्म लेने की कोई भनक तक नहीं थी। अंजू देवी पहले से ही एक बच्ची की मां है। फिलहाल, बच्ची और उसकी मां अस्पताल में उपचाराधीन हैं और पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच में जुटी है। स्थानीय लोग आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की अमानवीय घटनाओं को रोका जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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