झारखंड
3 घंटे पहले
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शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल बदलाव
बदलते दौर में शिक्षा के तौर तरीकों में भी बड़ा बदलाव आया है। एक समय था जब बेहतर शिक्षक और कोचिंग की तलाश में छात्रों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन आज तकनीक के युग ने इस मजबूरी को खत्म कर दिया है। अब छात्र अपने घर या गांव में रहकर भी देश के बेहतरीन विशेषज्ञों से शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए झारखंड के पलामू जिला प्रशासन ने छात्रों के लिए एक सराहनीय और अनूठी पहल की है।
पलामू की पाठशाला का हुआ आगाज
पलामू जिला प्रशासन ने शिक्षा में गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों की कमी से निपटने के लिए 'पलामू की पाठशाला' नाम से एक डिजिटल प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनल का शुभारंभ किया है। इस पहल के माध्यम से मैट्रिक और इंटर के विद्यार्थियों को उनके संबंधित विषयों का डिजिटल कंटेंट निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों तक पढ़ाई से जुड़ी हर जरूरी सामग्री पहुंचाई जाएगी, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की शैक्षणिक बाधा का सामना न करना पड़े।
शिक्षक दिवस पर हुई भव्य शुरुआत
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर की गई। मेदिनीनगर स्थित पंडित दीनदयाल टाउन हॉल में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में इस नए यूट्यूब चैनल का आधिकारिक उद्घाटन किया गया। इस मौके पर पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, उप विकास आयुक्त मो० सादात अनवर, प्रशिक्षु आईएएस ऋत्विक मेहता, जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार और जिला शिक्षा अधीक्षक सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
छात्रों के लिए क्या है खास
उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने बताया कि फिलहाल इस पहल में 10वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 'पलामू की पाठशाला' के यूट्यूब चैनल पर विषयवार वीडियो डाले जाएंगे, जिन्हें विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी देख सकेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य जिले के हर विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। आने वाले समय में मैट्रिक के सभी विषयों के साथ-साथ इंटर के विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय से जुड़े विषयों का कंटेंट भी तैयार कर अपलोड किया जाएगा।
डिजिटल कंटेंट की विशेषताएं
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर केवल लंबे वीडियो ही नहीं, बल्कि छोटे वीडियो, वस्तुनिष्ठ प्रश्न और परीक्षा की तैयारी के लिए जरूरी अन्य सामग्री भी उपलब्ध होगी। डिजिटल माध्यम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्र किसी कठिन विषय को समझने के लिए वीडियो को जितनी बार चाहे देख सकते हैं। इससे उन विद्यार्थियों को सबसे अधिक लाभ होगा जिनके विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी बनी रहती है। प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि तकनीक का लाभ जिले के अंतिम छोर पर बैठे विद्यार्थी तक पहुंचे।
शिक्षकों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान 'पलामू की पाठशाला' के लिए बेहतर कंटेंट तैयार करने वाले शिक्षकों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वहीं, शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह में जिले के कुल 43 शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया। इनमें से डॉ. राज कुमार और महेंद्र प्रसाद नामक दो शिक्षकों को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए 15-15 हजार रुपये की नकद राशि पुरस्कार स्वरूप दी गई। प्रशासन का मानना है कि शिक्षकों का प्रोत्साहन ही शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का कार्य करेगा।
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