पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का बुरा हाल, व्यापार घाटा बढ़कर 1.41 लाख करोड़ रुपये के पार विश्व 45 मिनट पहले 5
पाकिस्तान के व्यापार घाटे में भारी उछाल दर्ज किया गया है। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में ही यह घाटा 16 फीसदी की बढ़त के साथ 15 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है।

पाकिस्तान के व्यापारिक आंकड़ों में गिरावट

आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए एक और बुरी खबर सामने आई है। देश के व्यापार घाटे में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के पहले 4 महीनों के दौरान पाकिस्तान का व्यापार घाटा 16 फीसदी बढ़कर लगभग 15 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 1.41 लाख करोड़ रुपये के बराबर है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट में पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो यानी पीबीएस के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि देश के निर्यात यानी एक्सपोर्ट में सुस्ती के कारण व्यापार असंतुलन की खाई और चौड़ी हो गई है। जुलाई से अक्टूबर के बीच देश का कुल आयात 26 अरब अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को छू गया है।

आयात में भारी उछाल और चिंताएं

पीबीएस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही और उसके अगले एक महीने यानी कुल 4 महीनों की अवधि में आयात में 2.9 अरब अमेरिकी डॉलर की भारी वृद्धि हुई है, जो प्रतिशत के लिहाज से 12.5 फीसदी अधिक है। कुल आयात का आंकड़ा 26 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। केंद्रीय बैंक का अनुमान है कि एनर्जी इम्पोर्ट बिल यानी ऊर्जा आयात बिल में वृद्धि के कारण चालू वित्त वर्ष के अंत तक कुल आयात का आंकड़ा 71 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा संकट साबित होगा।

निर्यात बढ़ाने की कोशिशें बेअसर

जुलाई से अक्टूबर के दौरान पाकिस्तान का कुल निर्यात 11.4 अरब अमेरिकी डॉलर रहा है। हालांकि यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 8.5 फीसदी अधिक है, लेकिन यह व्यापार घाटे को कम करने में नाकाफी साबित हो रहा है। सरकार ने निर्यातकों को राहत देने के लिए बजट में 88 अरब पाकिस्तानी रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया है ताकि उन्हें सस्ते लोन उपलब्ध कराए जा सकें। विडंबना यह है कि मुद्रा के अवमूल्यन यानी डिवैल्यूएशन के बाद भी पाकिस्तानी निर्यात को कोई बड़ा बूस्ट नहीं मिल सका है। हर महीने निर्यात का आंकड़ा 2.5 अरब से 3 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच ही सिमटा हुआ है। शुक्रवार के आंकड़ों के अनुसार, 1 डॉलर की कीमत 276.66 पाकिस्तानी रुपये रही।

रक्षा मंत्री ने नौकरशाही पर उठाए सवाल

पाकिस्तान के आर्थिक हालात के बीच प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं। देश के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुद अपने ही देश के वरिष्ठ नौकरशाहों की निष्ठा और ईमानदारी पर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि भले ही देश में काबिल अफसर मौजूद हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े अधिकारियों ने सेवा में रहते हुए ही कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों में अपने स्थायी घर बसा लिए हैं। नौकरशाहों द्वारा विदेश में बसने की यह प्रवृत्ति देश की आंतरिक व्यवस्था और आर्थिक सुधारों के प्रति उनकी गंभीरता पर बड़े सवालिया निशान लगाती है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप