विश्व
5 घंटे पहले
2
विचारों
पाकिस्तान के संसाधन संपन्न लेकिन अशांत प्रांत बलूचिस्तान में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के तमाम दमनकारी प्रयासों और दावों के बावजूद यहां उग्रवाद की आग लगातार भड़क रही है। हालिया घटनाक्रम में, बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले में पुलिस को निशाना बनाकर एक और घातक हमला किया गया है, जिसने सुरक्षा बलों की तैयारियों की पोल खोल दी है।
बलूचिस्तान के मस्तुंग में पुलिस चौकी पर घातक हमला
स्थानीय प्रशासन और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला मस्तुंग जिले के कांक्स इलाके में गुरुवार को हुआ। यहां अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने एक पुलिस चेकपोस्ट को अपना निशाना बनाया और वहां तैनात पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले के बाद चेकपोस्ट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी हिम्मत दिखाते हुए जवाबी कार्रवाई की और हमलावरों का मुकाबला किया। दोनों पक्षों के बीच हुई इस मुठभेड़ के बाद हमलावर मौके से फरार होने में सफल रहे।
इस गोलीबारी में एक पुलिस कांस्टेबल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल जवान को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस हमले के पीछे प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाकों का हाथ है या किसी अन्य स्थानीय चरमपंथी गुट का। हमले की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बलों के अतिरिक्त दस्तों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और हमलावरों की धरपकड़ के लिए एक बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया गया है।
खैबर पख्तूनख्वा में भी थम नहीं रहा हिंसा का दौर
पाकिस्तान में केवल बलूचिस्तान ही नहीं, बल्कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत भी आतंकवाद की भारी चपेट में है। मस्तुंग में हुई इस वारदात से ठीक एक दिन पहले यानी बुधवार को खैबर पख्तूनख्वा के करक जिले में भी पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया था।
वहां के शताकाई डैम इलाके में जब पुलिस का एक वाहन नियमित गश्त पर था, तभी पहले से घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जिला पुलिस अधिकारी (DPO) इमरान खान के अनुसार, इस हमले में भी एक पुलिस कांस्टेबल की जान चली गई और एक अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल जवान का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस वारदात के बाद भी सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर हमलावरों की तलाश तेज कर दी है।
सईदखेल में भी पुलिस पर हुआ था हमला
इससे पहले, 9 अगस्त को खैबर पख्तूनख्वा के ही लक्की मरवत जिले के सईदखेल इलाके में पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया था। पुलिस प्रवक्ता कुदरतुल्लाह खान के अनुसार, सईदखेल कब्रिस्तान के पास गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों पर स्वचालित हथियारों से लैस हमलावरों ने अचानक हमला बोल दिया था। इस घटना में भी एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई थी और एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया था। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि प्रांत में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
आतंकी हमलों के आंकड़े बयां कर रहे हैं खौफनाक हकीकत
पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था किस हद तक चरमरा चुकी है, इसका अंदाजा पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) द्वारा जारी किए गए हालिया आंकड़ों से आसानी से लगाया जा सकता है। संस्था की सुरक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, देश में आतंकी हमलों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई और अगस्त महीनों के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- अगस्त के आंकड़े: अगस्त के महीने में पूरे पाकिस्तान में कुल 199 आतंकी हमले दर्ज किए गए। इन हमलों में कम से कम 158 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि 181 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
- जुलाई के आंकड़े: इससे पिछले महीने यानी जुलाई में देश भर में 144 आतंकी हमले हुए थे। इन हमलों में कुल 268 लोगों की मौत हुई थी और 216 लोग घायल हुए थे।
बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर किए जा रहे ये सिलसिलेवार हमले पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बेहद गंभीर और अलार्मिंग चुनौती बन चुके हैं। लगातार बिगड़ते हालात ने शहबाज शरीफ सरकार और सैन्य नेतृत्व के सुरक्षा दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
Comments
0 comment