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6 घंटे पहले
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पेट्रोलियम मंत्री का बड़ा बयान
पाकिस्तान में ईंधन संकट को लेकर सरकार ने बड़ी चेतावनी जारी की है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अगर देश में ईंधन की भारी किल्लत पैदा होती है, तो पेट्रोल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि स्थिति बिगड़ने पर पेट्रोल 1,000 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक बिक सकता है, जो भारतीय मुद्रा में करीब ₹346 प्रति लीटर के बराबर है। मंत्री का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। हालांकि, उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए यह भी कहा कि फिलहाल पाकिस्तान में पेट्रोल का भंडार पर्याप्त है और आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।
लाहौर में मंत्री ने दी सफाई
लाहौर में मीडिया से बातचीत करते हुए अली परवेज मलिक ने बताया कि सरकार देश में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में 80 फीसदी तक का उछाल आया है। इसके मुकाबले, पाकिस्तान में 1 मार्च से अब तक पेट्रोल की कीमतों में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार अभी ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है, लेकिन अगर सप्लाई चेन में कोई बड़ी बाधा आती है, तो कीमतें 1,000 पाकिस्तानी रुपये के स्तर को छू सकती हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक बाजार
एक तरफ पाकिस्तान में कीमतों को लेकर डर का माहौल है, तो दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार से कुछ राहत की खबरें भी मिल रही हैं। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई, जिसमें ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 2 फीसदी सस्ता हुआ है। बाजार के जानकारों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र से तेल की सप्लाई में धीरे-धीरे सुधार हो सकता है। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर स्थिति अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अमेरिकी सेना और शिपिंग आंकड़ों में विरोधाभास देखने को मिल रहा है।
अमेरिकी सेना बनाम शिपिंग आंकड़े
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने हाल ही में दावा किया है कि पिछले दो सप्ताहों में होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल, गैस और अन्य सामानों की आवाजाही पिछले छह महीने के उच्चतम स्तर पर रही है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, उन्होंने 2,000 से ज्यादा व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता मुहैया कराया है और खाड़ी क्षेत्र से एक अरब बैरल से अधिक कच्चा तेल बाहर निकाला गया है। इसके विपरीत, रॉयटर्स के शिपिंग आंकड़े कुछ अलग कहानी बयां कर रहे हैं, जिनके अनुसार वीकेंड पर जहाजों की संख्या में पिछले सप्ताह के मुकाबले कमी आई है।
पाकिस्तान के लिए होर्मुज का महत्व
पाकिस्तान अपनी अधिकांश ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों से आयात पर निर्भर है, और होर्मुज जलडमरूमध्य इसके लिए जीवनरेखा की तरह है। यदि इस मार्ग से जहाजों का आवागमन प्रभावित होता है, तो इसका सीधा असर पाकिस्तान में तेल और गैस की कीमतों पर पड़ेगा। यही कारण है कि सरकार अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क है। पेट्रोलियम मंत्री ने यह भी वादा किया है कि आने वाली सर्दियों में देश में गैस की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जरूरत पड़ी, तो सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार से महंगी दरों पर गैस का आयात करने के लिए भी तैयार है ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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