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52 मिनट पहले
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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। विरोध कर रहे संगठनों का दावा है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 27 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों ने रावलकोट में एक जनाजे के दौरान प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया, जिसके बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया।
जनाजे के दौरान भड़की हिंसा
जेएएसी के मुताबिक लोग शाहज़ेब हबीब के जनाजे में शामिल होने के लिए कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल के बाहर एकत्र हुए थे। संगठन से जुड़े एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि शाहज़ेब हबीब की मौत पाकिस्तान रेंजर्स की कार्रवाई में हुई थी। जनाजे में मौजूद लोग सेना के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और हालिया घटनाओं को लेकर जवाब मांग रहे थे।
27 लोगों की मौत का दावा
आरोप है कि इसी दौरान सुरक्षा बलों ने भीड़ पर गोलियां चलाईं और आंसू गैस के गोले दागे। जेएएसी का कहना है कि इस कार्रवाई में कम से कम 27 लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने तो मरने वालों की संख्या 100 से अधिक बताई है, हालांकि इन आंकड़ों की पुष्टि अभी बाकी है।
संगठन का यह भी कहना है कि कार्रवाई के बाद करीब 110 स्थानीय लोगों को हिरासत में लिया गया और कई लोग अब भी लापता हैं। कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मारे गए लोगों के शव भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तानी अधिकारियों की तरफ से अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
हर हाल में रैली करने का ऐलान
बढ़ते तनाव और हिंसा के बावजूद जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह मंगलवार को रैली हर हाल में करेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में पीओके में पाकिस्तानी सेना और पुलिस फोर्स की और सख्त कार्रवाइयां सामने आ सकती हैं।
महंगाई और अधिकारों को लेकर लंबा विरोध
दरअसल, पिछले कई हफ्तों से पीओके में महंगाई और अधिकारों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जिनके चलते हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। स्थानीय कार्यकर्ता समूहों का दावा है कि हालिया झड़पों में पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र के कम से कम सात सदस्य भी मारे गए हैं, जिनमें पुलिस, रेंजर्स और फ्रंटियर कॉर्प्स के जवान शामिल हैं।
इस बीच, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पिछले चार दिनों में सुरक्षा बलों ने कई इलाकों में छापेमारी कर करीब 350 लोगों को हिरासत में लिया है। साथ ही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के केंद्रीय कार्यालय को सील कर दिया गया है और पाकिस्तानी फोर्स ने उसके कई नेताओं के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए हैं।
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