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एक दिन पहले
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बलूचिस्तान में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित किए गए बड़े समारोहों और आजादी के जश्न से बौखलाई पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर बर्बरता की सारी हदें पार कर दी हैं। अलग-अलग मीडिया स्रोतों से मिल रही खबरों के अनुसार, पाकिस्तानी वायुसेना ने इस क्षेत्र के नागरिक इलाकों पर भीषण हवाई हमले किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई में बच्चों और महिलाओं सहित कम से कम 27 नागरिकों की दर्दनाक मौत होने का दावा किया जा रहा है। पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व की इस अमानवीय कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और खौफ का माहौल बना हुआ है।
बलूचिस्तान के सोराब इलाके में भारी बमबारी
यह भयानक सैन्य कार्रवाई बलूचिस्तान के सोराब जिले के अंतर्गत आने वाले गिदार इलाके के गोंधन में की गई। बलूच मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने मंगलवार की देर रात से ही इन इलाकों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया था। यह हवाई हमले बुधवार की सुबह तक लगातार जारी रहे। इस दौरान आसमान से बरसाए गए बमों ने रिहाइशी इलाकों को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया।
स्थानीय मानवाधिकार संगठनों और बलूच कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन हवाई हमलों में आम नागरिकों के घरों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। बमबारी की वजह से बड़ी संख्या में मकान पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं। इस तबाही में मलबे के नीचे दबने और सीधे बमों की चपेट में आने से 27 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जिनमें बड़ी संख्या में मासूम बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज स्थानीय स्तर पर बेहद विपरीत परिस्थितियों में किया जा रहा है।
आजादी का जश्न बर्दाश्त नहीं कर पाई पाकिस्तानी सेना
इस बर्बर कार्रवाई का मुख्य कारण बलूचिस्तान में मनाया गया आजादी का जश्न माना जा रहा है। दरअसल, 11 अगस्त को बलूचिस्तान के लोगों ने बड़े पैमाने पर इकट्ठा होकर स्वतंत्रता दिवस मनाया था। इस उत्सव के दौरान बलूच नागरिकों ने अपनी आजादी के समर्थन में रैलियां निकालीं और व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया। स्थानीय लोगों का अपनी आजादी के प्रति यह अटूट जज्बा पाकिस्तानी सेना को रास नहीं आया और अपनी इस नाकामी तथा हताशा को छिपाने के लिए उसने निहत्थे नागरिकों पर लड़ाकू विमानों से हमला बोल दिया।
सोशल मीडिया पर इस हमले से जुड़ी कई दुखद और विचलित करने वाली तस्वीरें और वीडियो साझा किए जा रहे हैं। द बलूचिस्तान पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि बमबारी के बाद इलाके में किस कदर तबाही मची है। स्थानीय लोगों के दावों के मुताबिक, हवाई हमलों में मारे गए लोगों के शवों को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अपने कब्जे में ले लिया है, जिससे मृतकों के परिजनों को अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार का मौका भी नहीं मिल पा रहा है। बलूचिस्तान के नागरिकों का आरोप है कि पाकिस्तानी हुकूमत इस क्षेत्र में मौजूद अकूत प्राकृतिक संपदा और खनिज संसाधनों का दोहन तो करना चाहती है, लेकिन यहां के मूल निवासियों को हिंसा और बमबारी का शिकार बना रही है।
पाकिस्तानी सेना और विद्रोही संगठन का पक्ष
इस पूरे मामले पर अभी तक पाकिस्तानी सेना की ओर से सोराब में किए गए नागरिक हवाई हमलों को लेकर कोई सीधा और स्पष्ट आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। हालांकि, पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ने यह जरूर स्वीकार किया है कि उन्होंने 11 अगस्त को बलूचिस्तान के पंजगुर जिले में एक बड़ा आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया था। सेना ने दावा किया कि खुफिया जानकारी के आधार पर की गई इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने कम से कम 5 संदिग्ध आतंकवादियों को मार गिराया है।
दूसरी तरफ, इस पूरे घटनाक्रम के बीच बलूचिस्तान में सक्रिय विद्रोही संगठन BLA (बलूच लिबरेशन आर्मी) का भी एक बयान सामने आया है। संगठन ने दावा किया है कि वह पूरे बलूचिस्तान क्षेत्र में सक्रिय पाकिस्तानी सेना के मुखबिरों और उनके मददगारों को खत्म करने के लिए अपना खुद का एक विशेष अभियान चला रहा है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच आम नागरिक दोनों तरफ से हो रही हिंसा और विशेष रूप से पाकिस्तानी वायुसेना के सीधे हमलों की मार झेलने को मजबूर हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
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