बलूचिस्तान में बड़ी वारदात: 20 पुलिसकर्मियों का अपहरण, मस्तुंग में मचा हड़कंप विश्व एक घंटा पहले 6
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हथियारबंद विद्रोही 20 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को अगवा कर अपने साथ ले गए, जिसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बल अलर्ट पर हैं।

बलूचिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती

पाकिस्तान के अस्थिर प्रांत बलूचिस्तान में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार की शाम मस्तुंग जिले के गोरगीना इलाके से करीब 20 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों के अपहरण की घटना सामने आई है। शुरुआती खबरों के अनुसार, हथियारबंद लोगों ने पुलिसकर्मियों से भरी एक यात्री वैन को रास्ते में रोक लिया और सभी जवानों को अगवा करके अपने साथ ले गए। सूत्रों का मानना है कि इस पूरी घटना के पीछे बलूच अलगाववादी समूहों का हाथ हो सकता है। यह सभी पुलिसकर्मी कलात रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे थे और अपनी छुट्टी का समय बिताने के लिए घर वापस जा रहे थे।

तलाशी अभियान और सुरक्षा में सख्ती

इस बड़ी वारदात की खबर मिलने के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के होश फाख्ता हो गए हैं। पूरे इलाके में तत्काल प्रभाव से तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने मस्तुंग के कई प्रमुख इलाकों में अस्थाई चेकपोस्ट स्थापित किए हैं ताकि अगवा किए गए जवानों और अपहरणकर्ताओं का पता लगाया जा सके। केवल मस्तुंग ही नहीं, बल्कि आसपास के शहरों में भी निगरानी को काफी बढ़ा दिया गया है। इसी बीच, तुरबत के पास से एक और चिंताजनक खबर आई है, जहां हथियारबंद बलूच विद्रोहियों ने माल से लदे हुए ट्रकों में आग लगा दी है। सुरक्षा बल अब इन दोनों घटनाओं की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रहे हैं।

जबरन गायब करने के आरोपों का सिलसिला

बलूचिस्तान में पुलिसकर्मियों के अपहरण की यह घटना ऐसे समय में हुई है जब वहां लोगों को जबरन गायब करने और हिरासत में मौतों के मामले लगातार सुर्खियों में हैं। स्थानीय मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर आम नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। द बलूचिस्तान पोस्ट के अनुसार, बीते गुरुवार को पसनी से एक स्कूल शिक्षक का शव बरामद किया गया। जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा बल इस शिक्षक को उसके परिवार के सामने से अपने साथ ले गए थे। परवेज नाम के यह शिक्षक सरकारी हाई स्कूल बाबर शोर में अरबी विषय पढ़ाते थे और मूल रूप से केच जिले के पेडारक के रहने वाले थे। परिवार को उनकी गिरफ्तारी या हिरासत के स्थान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी, और अगले दिन अचानक उनका शव मिलने से इलाके में आक्रोश फैल गया है।

शिक्षकों की सुरक्षा पर उठते सवाल

बलूचिस्तान में शिक्षकों को निशाना बनाने के मामले इस साल काफी बढ़ गए हैं। अगस्त में बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने हथिम बलूच नामक एक शिक्षक की हत्या का दावा किया था, जिनका शव कई हफ्तों की गुमशुदगी के बाद मिला। कमेटी का आरोप था कि उन्हें वाशबूद मेन बाजार से राज्य समर्थित हथियारबंद गिरोहों द्वारा उठाया गया था। इससे पहले जनवरी के महीने में आवारान जिले के बेरिथ इलाके से दो शव बरामद हुए थे, जिनमें स्कूल शिक्षक अयाज बलूच शामिल थे। अयाज बलूच को अक्टूबर 2025 में सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया था और उसके बाद से वे लापता थे। परिवार ने उनके शव मिलने के बाद आरोप लगाया था कि उनकी हिरासत में हत्या की गई है।

मस्तुंग में आम नागरिक भी खतरे में

मस्तुंग जिला न केवल सुरक्षा बलों के लिए, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी असुरक्षित बनता जा रहा है। हाल के हफ्तों में यहां हिंसा की कई घटनाएं दर्ज की गई हैं। 9 अक्टूबर को मस्तुंग के खड़कोचा इलाके में एक घर के बाहर ड्रोन गिरने या हमले की घटना हुई, जिसमें जावेद हम्माद और अल्लाह बख्श नामक दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बलूच यकजेहती कमेटी ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया है कि रिहायशी इलाकों में लड़ाकू विमानों और ड्रोन्स का उपयोग करके आम जनता की जान को खतरे में डाला जा रहा है। सरकार की ओर से इन तमाम मामलों और अपहरण की इस नई घटना पर फिलहाल कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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