दिल्ली में नीट विवाद: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ हिंसक, पुलिस का दावा- असामाजिक तत्वों ने लिया कब्जा दिल्ली 3 महीने पहले 68
नीट परीक्षा में धांधली के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शांतिपूर्ण आंदोलन में उपद्रवी घुस गए हैं और वर्दीधारियों पर हमले कर रहे हैं।

प्रदर्शन ने बदला हिंसक रूप

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा की अनियमितताओं के विरोध में चल रहा प्रदर्शन अब एक नई दिशा में मुड़ गया है। दिल्ली पुलिस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस आंदोलन को अब बाहरी असामाजिक तत्वों ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारी छात्रों की आड़ लेकर ये उपद्रवी भीड़ में शामिल हो रहे हैं और अचानक पुलिसकर्मियों पर नुकीले पत्थर और बोतलें फेंकना शुरू कर देते हैं। इस स्थिति के बारे में एक्स्ट्रा पैरामिलिट्री फोर्स ने भी दिल्ली पुलिस को विस्तृत रिपोर्ट दे दी है।

संयम बरत रही है दिल्ली पुलिस

फिलहाल सरकार की ओर से पुलिस को कोई सख्त कार्रवाई करने के निर्देश नहीं मिले हैं। प्रशासन छात्रों के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है, यही कारण है कि सुरक्षा बल बेहद संयम बरत रहे हैं। पुलिस का मुख्य ध्यान फिलहाल अपनी सुरक्षा करने और स्थिति को संभालने पर है, इसलिए वे अभी कोई जवाबी आक्रामक कदम नहीं उठा रहे हैं।

मास्क लगाकर पहचान छिपाने की कोशिश

जंतर-मंतर से सामने आई हालिया तस्वीरों और वीडियो में यह साफ दिख रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मास्क का सहारा लेना शुरू कर दिया है। बुधवार की रात को प्रदर्शनकारियों ने रेड लाइट पर जमकर हंगामा मचाया और पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पूरी रात दिल्ली पुलिस के अधिकारी बैरिकेड्स पर डटे रहे और खुद भीड़ के बीच जाकर प्रदर्शनकारियों पर कड़ी निगरानी रखी। देर रात तक कई प्रदर्शनकारियों के चेहरे ढके हुए थे। कुछ लोगों ने स्पाइडर मैन के मास्क पहन रखे थे, तो कुछ चेहरे पर रुमाल बांधे हुए थे ताकि पुलिस की पहचान से बच सकें।

दिन बनाम रात का अंतर

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का एक दोहरा चेहरा देखने को मिल रहा है। गुरुवार की सुबह के समय वहां शांति रहती है और प्रदर्शनकारियों की भीड़ सीमित होती है। दिन के समय लोग आते हैं, कविताएं पढ़ते हैं, नारे लगाते हैं और मंच से इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताया जाता है। लेकिन जैसे-जैसे शाम ढलती है, भीड़ का मिजाज बदल जाता है। शाम होते ही भीड़ उग्र रूप ले लेती है और पुलिस को निशाना बनाकर हिंसा और पत्थरबाजी शुरू कर दी जाती है। इस दौरान भीड़ जंतर-मंतर की सीमाओं को लांघकर सड़कों पर भी उतर आती है।

पुलिसकर्मियों पर हमला और सुरक्षा इंतजाम

बीते दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के बीच छिपे उपद्रवियों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से पुलिस पर हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में दो एसीपी और दो इंस्पेक्टर सहित कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगने के बाद प्रदर्शनकारियों को संगठित करने के लिए एसएमएस का सहारा लिया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप