भारत
एक घंटा पहले
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संसद के मानसून सत्र में पिछले 16 दिनों से जारी गतिरोध आखिरकार समाप्त होता दिख रहा है। गौरतलब है कि यह सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ था और 13 अगस्त तक चलने वाला है। आज इस सत्र का 17वां दिन है। पिछले कई दिनों से विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण प्रश्नकाल सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा था और सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित हो रही थी। आज सुबह भी सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद लोकसभा और राज्यसभा दोनों को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। मानसून सत्र के अब केवल दो से तीन दिन ही बचे हैं, इसलिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोपहर दो बजे के बाद लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई।
आज लोकसभा की कार्यवाही के दौरान एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया गया। इस विधेयक के तहत राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' करने का प्रस्ताव रखा गया है।
FCRA बिल पर विपक्ष में मतभेद और सरकार की तैयारी
संसद के भीतर FCRA बिल को लेकर विपक्षी खेमे में आपसी मतभेद भी खुलकर सामने आ गए हैं। इस विधेयक को लेकर जहां कांग्रेस इसे पूरी तरह से वापस लेने की मांग पर अड़ी हुई है, वहीं दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और बीजद जैसी पार्टियां इसे JPC यानी संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने के पक्ष में खड़ी नजर आ रही हैं।
इस बीच, सरकार ने विपक्ष के तीखे तेवरों को देखते हुए उनकी मांगों पर सहमति जताई है। सरकार पहले छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग को स्वीकार कर चुकी है। इस चर्चा के बाद देश के गृह मंत्री अमित शाह खुद सदन में सरकार की तरफ से जवाब देंगे। इसके अतिरिक्त, अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर भी सरकार संसद में विस्तृत चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार हो गई है।
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