भारत
2 घंटे पहले
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हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी रास्तों पर सफर करना लगातार जोखिम भरा होता जा रहा है। रविवार सुबह चम्बा जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ भरमौर से चम्बा की ओर आ रही हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस (HP-30A-0352) पर अचानक पहाड़ी से एक भारी-भरकम पत्थर गिर गया। यह हादसा गैहरा के समीप सुबह करीब 7 बजे हुआ। पत्थर इतना विशाल था कि वह सीधे बस की छत को चीरते हुए भीतर जा घुसा, जिससे बस के अंदर चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना के वक्त बस में लगभग 40 यात्री सवार थे।
शिव पूजन से लौट रहे थे श्रद्धालु, अचानक हुआ हादसा
शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस भयावह हादसे में एक यात्री की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, चार अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि बस में सवार अधिकांश लोग एक शिव पूजन समारोह में शामिल होकर अपने घरों को लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में ही इस हादसे का शिकार हो गए। दुर्घटना की आवाज सुनकर स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। इसके साथ ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन को भी सूचित किया गया, जिसके बाद बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।
सभी घायलों को क्षतिग्रस्त बस से बाहर निकाला गया और तुरंत इलाज के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, चम्बा में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। इस हादसे के बाद प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रहे भूस्खलन और चट्टानें खिसकने की घटनाओं के बीच इस हादसे ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हिमाचल में बारिश का कहर: कांगड़ा में सैलाब के बीच बचाई गई सात जिंदगियां
गौरतलब है कि इन दिनों हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश की वजह से कहीं लैंडस्लाइड तो कहीं बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। हाल ही में कांगड़ा जिले से भी एक राहत भरी खबर सामने आई थी, जहां अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण बरसाती नाले (खड्ड) के बीच कुछ पर्यटक फंस गए थे। इन पर्यटकों में पंजाब के दो बच्चों समेत कुल 7 पर्यटक शामिल थे, जिन्हें स्थानीय प्रशासन और बचाव टीम ने सूझबूझ से सुरक्षित बचा लिया।
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, ये पर्यटक एक निजी काफीहाउस के समीप न्यूगल खड्ड के किनारे घूमने गए थे और टहलते-टहलते जलधारा के दूसरी ओर चले गए। जब वे वापस लौटने लगे, तो पहाड़ी क्षेत्र में हुई बारिश के कारण पानी का बहाव और स्तर अचानक बेहद तेज हो गया। पानी के इस प्रचंड वेग के कारण वहां बना लकड़ी का एक अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त होकर बह गया, जिससे पर्यटकों का संपर्क टूट गया और वे वहीं फंस गए।
प्रशासन को घटना की जानकारी मिलते ही लोहे की सीढ़ियों का इस्तेमाल करके एक अस्थायी रास्ता तैयार किया गया। इस चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान में सबसे पहले दोनों बच्चों को सुरक्षित निकाला गया, जिसके बाद महिलाओं और अंत में पुरुषों को नदी पार कराकर सुरक्षित किनारे पर लाया गया।
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